रतलाम जिले की जावरा विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में लगातार विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। क्षेत्रीय विधायक डॉ. राजेन्द्र पांडेय के प्रयासों से शिक्षा सुविधाओं के विस्तार के लिए साढ़े पांच करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत हुई है। इस स्वीकृति के तहत एक छात्रावास और एक नवीन विद्यालय भवन का निर्माण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है।
छात्रावास के लिए बड़ी सौगात
वर्षों से भवन विहीन संचालित हो रहे अनुसूचित जाति बालक छात्रावास की समस्या को गंभीरता से लेते हुए विधायक डॉ. पांडेय ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मंत्री नागर सिंह चौहान के समक्ष मामला रखा। उनके प्रयासों के परिणामस्वरूप अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा पिपलौदा में 50 सीटर जूनियर बालक छात्रावास के लिए लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से नवीन भवन की स्वीकृति प्रदान की गई है।
यह छात्रावास अब तक अन्य भवन में संचालित हो रहा था, जिससे विद्यार्थियों को कई असुविधाओं का सामना करना पड़ता था। नए भवन की स्वीकृति से छात्रों को बेहतर आवासीय और शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।
रिंगनोद स्कूल को भी मिला नया भवन
इसी कड़ी में जावरा विकासखंड के माध्यमिक विद्यालय रिंगनोद के लिए भी 51 लाख रुपये की लागत से नए भवन की मंजूरी दी गई है। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर शिक्षा का लाभ मिलेगा।
पहले भी हो चुके हैं कई विकास कार्य
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी विधायक डॉ. पांडेय के प्रयासों से पिपलौदा महाविद्यालय के लिए पहुंच मार्ग, बाउंड्रीवाल सहित विभिन्न कार्यों हेतु करीब ढाई करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। इसके अलावा क्षेत्र के 18 विद्यालयों में फर्नीचर और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए विधायक निधि से 8 लाख 22 हजार रुपये की राशि भी स्वीकृत की गई थी।
क्षेत्र में खुशी की लहर
जावरा विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में मिल रही इन सौगातों को लेकर जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है। भाजपा महामंत्री महेश सोनी, मंडल अध्यक्ष दिनेश पाटीदार, मांगीलाल सोलंकी सहित कई पदाधिकारियों—विनोद शर्मा, प्रवीण सिंह राठौर, मुकेश मोगरा, मनमोहन राणा, प्रफुल्ल जैन और प्रकाश डाबी—ने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए विधायक डॉ. पांडेय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
निष्कर्ष:
लगातार मिल रही इन शैक्षणिक सौगातों से जावरा क्षेत्र में शिक्षा का स्तर बेहतर होने की उम्मीद है। छात्रावास और नए विद्यालय भवन से न केवल आधारभूत सुविधाएं मजबूत होंगी, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य को भी नई दिशा मिलेगी।

