मध्य प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव आने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कटनी जिले के स्लीमनाबाद में जनसभा को संबोधित करते हुए समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर बड़ा और आक्रामक ऐलान किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “एक प्रदेश, एक विधान होना चाहिए। हिंदू और मुस्लिम के लिए अलग-अलग कानून नहीं चलेंगे। एक से अधिक शादी करने वालों का मध्य प्रदेश में कोई स्थान नहीं होगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार इसी महीने विधानसभा में यूसीसी का प्रस्ताव लाने जा रही है। उन्होंने दावा किया कि जनता का समर्थन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद सरकार के साथ है। यूसीसी लागू होने के बाद सभी नागरिकों पर समान कानून लागू होगा और विवाह सहित कई व्यक्तिगत मामलों में एक जैसी कानूनी व्यवस्था बनेगी।
अपने संबोधन में मोहन यादव ने कहा कि “जो एक शादी करेगा, उसी को कानूनन प्रदेश में रहने का अधिकार मिलेगा।” उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में यूसीसी को लेकर बहस तेज होने की संभावना है।
जनसभा से पहले मुख्यमंत्री ने करीब 12 किलोमीटर लंबी देश की सबसे बड़ी भूमिगत वाटर टनल का निरीक्षण भी किया। उन्होंने इसे प्रदेश के विकास की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि सरकार विकास और सुशासन दोनों मोर्चों पर तेजी से काम कर रही है।
20 जुलाई से शुरू होने वाले मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार यूसीसी विधेयक पेश करने की तैयारी में है। इससे पहले प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी दिलाई जाएगी। सरकार का दावा है कि यह कानून सामाजिक समानता, पारदर्शिता और एक समान न्याय व्यवस्था की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगा।
राजनीतिक संदेश साफ है—मध्य प्रदेश में अब ‘एक प्रदेश, एक कानून’ की ओर सरकार निर्णायक कदम बढ़ाने जा रही है।