मध्यप्रदेश के पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।
आंचलिक पत्रकार संघ के प्रदेशाध्यक्ष रमेश टांक एवं प्रदेश महासचिव अभय सुराणा ने बताया कि राज्य शासन के जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार पत्रकार सुरक्षा कानून के प्रारूप एवं आवश्यक प्रावधानों पर विचार करने के लिए 5 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है।
यह समिति देश के विभिन्न राज्यों में लागू पत्रकार सुरक्षा कानूनों का गहन अध्ययन करेगी तथा मध्यप्रदेश की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एक प्रभावी कानून का मसौदा तैयार कर राज्य सरकार को अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी।
समिति में ये होंगे शामिल
अध्यक्ष : अपर मुख्य सचिव (ACS), गृह विभाग।
सदस्य : प्रमुख सचिव, विधि-विधायी कार्य विभाग।
सदस्य : माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के नामांकित प्रतिनिधि।
सदस्य (वरिष्ठ पत्रकार) : शासन द्वारा नामांकित वरिष्ठ पत्रकार। इस पद पर वरिष्ठ पत्रकार महेश श्रीवास्तव को नामांकित किया गया है।
सदस्य सचिव : सचिव, जनसंपर्क विभाग।
अन्य राज्यों के कानूनों का होगा अध्ययन
समिति देश के उन राज्यों में लागू पत्रकार सुरक्षा कानूनों का अध्ययन करेगी, जहां पत्रकारों की सुरक्षा के लिए विशेष कानूनी प्रावधान किए गए हैं। विशेष रूप से विभिन्न राज्यों में लागू कानूनों एवं व्यवस्थाओं का अध्ययन कर मध्यप्रदेश के लिए एक व्यवहारिक और प्रभावी कानून तैयार करने पर विचार किया जाएगा।
पत्रकार संगठनों से लिए जाएंगे सुझाव
समिति पत्रकार संगठनों, वरिष्ठ पत्रकारों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं अन्य संबंधित हितधारकों से चर्चा कर उनके सुझाव प्राप्त करेगी। पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों के अनुभवों और समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कानून का प्रारूप तैयार किया जाएगा।
हिंसा और उत्पीड़न पर लगेगी रोक
प्रस्तावित पत्रकार सुरक्षा कानून का उद्देश्य पत्रकारों के विरुद्ध होने वाली हिंसा, हमलों, झूठे मुकदमों, धमकी और विभिन्न प्रकार के उत्पीड़न को रोकने के लिए प्रभावी कानूनी व्यवस्था तैयार करना है।
पत्रकारों को मिलेगा निर्भीक वातावरण
आंचलिक पत्रकार संघ के अध्यक्ष रमेश टांक एवं प्रदेश महासचिव अभय सुराणा ने मध्यप्रदेश सरकार के इस महत्वपूर्ण निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में समाज और शासन के बीच महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि पत्रकारों को निर्भीक एवं निष्पक्ष होकर अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए सुरक्षित वातावरण मिलना आवश्यक है। पत्रकार सुरक्षा कानून बनने से प्रदेश के पत्रकारों को निश्चित रूप से एक मजबूत कानूनी संरक्षण प्राप्त होगा।
रमेश टांक एवं अभय सुराणा ने आशा व्यक्त की कि उच्च स्तरीय समिति पत्रकार संगठनों के सुझावों को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र एक प्रभावी और सशक्त पत्रकार सुरक्षा कानून का प्रारूप तैयार करेगी, जिससे मध्यप्रदेश के पत्रकारों की सुरक्षा को वास्तविक मजबूती मिल सकेगी।