November 5, 2026 11:43 am

फर्जी E-Challan APK से सावधान — एक क्लिक से खाली हो सकता है आपका बैंक खाता

रतलाम— साइबर अपराधियों द्वारा आमजन को ठगी का शिकार बनाने के लिए लगातार नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। इसी क्रम में इन दिनों फर्जी E-Challan के नाम पर APK फाइल भेजकर मोबाइल फोन में सेंध लगाने एवं बैंकिंग संबंधी जानकारी हासिल करने का प्रयास किया जा सकता है।

रतलाम पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार (भा.पु.से.) के निर्देशन में साइबर अपराधों के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विवेक कुमार लाल एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश पन्द्रो के मार्गदर्शन में साइबर सेल रतलाम द्वारा आमजन के लिए यह साइबर एडवाइजरी जारी की गई है।

*कैसे होती है ठगी?–*
साइबर ठग मोबाइल पर SMS, WhatsApp या अन्य माध्यमों से संदेश भेजकर दावा कर सकते हैं कि आपके वाहन का E-Challan लंबित है और जुर्माना जमा करने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें अथवा APK फाइल डाउनलोड करें।
संदेश में Traffic Challan, E-Challan, Pending Fine, RTO Challan आदि का उल्लेख कर लोगों में जल्दबाजी एवं भय पैदा किया जा सकता है।
ठगों द्वारा भेजी गई APK फाइल फर्जी अथवा हानिकारक मोबाइल एप्लीकेशन हो सकती है। इसे इंस्टॉल करने के बाद साइबर अपराधी मोबाइल में मौजूद संवेदनशील जानकारी, OTP, SMS अथवा अन्य डेटा तक अनधिकृत पहुंच बनाने का प्रयास कर सकते हैं और इसका उपयोग वित्तीय धोखाधड़ी में किया जा सकता है।

*फर्जी E-Challan से बचने के लिए क्या करें?–*

🔹 अनजान नंबर से प्राप्त E-Challan लिंक पर क्लिक न करें।

🔹 WhatsApp/SMS के माध्यम से प्राप्त किसी भी अनजान APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।

🔹 किसी व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में “Install Unknown Apps” अथवा इसी प्रकार की सुरक्षा सेटिंग को बंद/सक्रिय न करें।

🔹 किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें।

🔹 मोबाइल में प्राप्त संदिग्ध लिंक या फाइल को खोलने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें।

🔹 वाहन चालान की जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सरकारी पोर्टल/विश्वसनीय माध्यम का उपयोग करें।

🔹 किसी अनजान व्यक्ति द्वारा मोबाइल पर स्क्रीन शेयरिंग, रिमोट एक्सेस या अन्य संदिग्ध एप्लीकेशन इंस्टॉल करने के लिए कहा जाए तो ऐसा बिल्कुल न करें।

*APK फाइल क्यों हो सकती है खतरनाक?–*
APK Android मोबाइल एप्लीकेशन की इंस्टॉलेशन फाइल होती है। साइबर अपराधी इसी का दुरुपयोग कर फर्जी एप्लीकेशन तैयार कर सकते हैं।
ऐसी संदिग्ध एप्लीकेशन को इंस्टॉल करने पर वह मोबाइल में अनावश्यक परमिशन मांग सकती है और प्राप्त अधिकारों का दुरुपयोग कर सकती है। इसलिए किसी अनजान स्रोत से प्राप्त APK फाइल को इंस्टॉल करना गंभीर साइबर जोखिम हो सकता है।

*यदि गलती से APK डाउनलोड/इंस्टॉल हो गई है तो तुरंत ये कदम उठाएं–*

यदि आपने गलती से किसी संदिग्ध E-Challan APK को डाउनलोड या इंस्टॉल कर लिया है, तो—

▪️ तुरंत मोबाइल को इंटरनेट से डिस्कनेक्ट करें।
▪️ संदिग्ध एप्लीकेशन को आगे इस्तेमाल न करें तथा उसे तुरंत अनइंस्टॉल करे
▪️ बैंक में जाकर खाते को सुरक्षित करवाए।
▪️ यदि आर्थिक धोखाधड़ी हुई है तो बिना देरी किए 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें।

यदि आपके साथ किसी भी प्रकार की ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी हो जाती है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें और शिकायत दर्ज कराएं। जितनी जल्दी सूचना दी जाएगी, ठगी की राशि को सुरक्षित कराने की संभावना उतनी ही अधिक हो सकती है।

*रतलाम पुलिस की अपील –* रतलाम पुलिस आमजन से अपील करती है कि E-Challan अथवा किसी भी सरकारी सेवा के नाम पर प्राप्त अनजान लिंक, APK फाइल या संदिग्ध संदेश पर विश्वास न करें। किसी भी फाइल को डाउनलोड करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें और साइबर सुरक्षा संबंधी सावधानियों का पालन करें।

सतर्क रहें • सुरक्षित रहें • साइबर ठगी से बचें।

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