रतलाम में आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री हासिल कर लेना सफलता की गारंटी नहीं है। सड़क पर यातायात नियमों की अनदेखी जानलेवा साबित हो सकती है, तो करियर में जरूरी कौशल की कमी युवाओं के रोजगार के सपनों पर पानी फेर सकती है। इन्हीं महत्वपूर्ण पहलुओं को केंद्र में रखते हुए रतलाम के रॉयल कॉलेज (रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड एडवांस्ड स्टडीज) में बीएससी लाइफ साइंस विभाग द्वारा आयोजित ‘आगाज़’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों को यातायात जागरूकता, व्यक्तित्व विकास और रोजगार के अवसरों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता ट्रैफिक डीएसपी आनंद स्वरूप सोनी, विशिष्ट अतिथि साईं श्री इंटरनेशनल स्कूल की प्राचार्य डॉ. श्वेता विनचुरकर तथा विशेष अतिथि जिला रोजगार अधिकारी अभिषेक कटारा ने विद्यार्थियों को जीवन में सफलता हासिल करने के लिए जरूरी मार्गदर्शन दिया।
यातायात नियमों की अनदेखी पड़ सकती है भारी, डीएसपी ने किया जागरूक
कार्यक्रम में ट्रैफिक डीएसपी आनंद स्वरूप सोनी ने सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित करते हुए यातायात नियमों के पालन, हेलमेट पहनने और चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाने की आवश्यकता समझाई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का पालन केवल पुलिस के डर से नहीं, बल्कि अपनी और दूसरों की जिंदगी सुरक्षित रखने के लिए किया जाना चाहिए। सड़क पर की गई छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
डीएसपी ने महाविद्यालय के स्टाफ और विद्यार्थियों को सुरक्षित यातायात की शपथ दिलाई। इसके साथ ही यातायात नियमों पर आधारित प्रश्नोत्तरी आयोजित कर विद्यार्थियों के ज्ञान को परखा गया तथा सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।
किताबी ज्ञान काफी नहीं, अनुशासन और सकारात्मक सोच भी जरूरी
साईं श्री इंटरनेशनल स्कूल की प्राचार्य डॉ. श्वेता विनचुरकर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए किताबी ज्ञान के साथ अनुशासन, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक सोच का होना भी बेहद जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लेने और प्रत्येक चुनौती को अवसर में बदलने की प्रेरणा दी। साथ ही समय प्रबंधन, लक्ष्य के प्रति एकाग्रता और व्यक्तित्व विकास के महत्वपूर्ण पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया।
उनका संदेश स्पष्ट था कि सफलता केवल अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्ति का व्यवहार, आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और परिस्थितियों का सामना करने का नजरिया भी उसकी सफलता तय करता है।
रोजगार की राह में कौशल बनेगा सबसे बड़ा हथियार
जिला रोजगार अधिकारी अभिषेक कटारा ने विद्यार्थियों को वर्तमान रोजगार बाजार की जरूरतों से अवगत कराया। उन्होंने करियर निर्माण, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों और कौशल विकास की उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बदलते दौर में केवल शैक्षणिक डिग्री के आधार पर आगे बढ़ना पर्याप्त नहीं है। युवाओं को अपनी रुचि और योग्यता के अनुरूप तकनीकी ज्ञान, व्यावहारिक अनुभव तथा संवाद कौशल जैसे गुण विकसित करने होंगे।
उन्होंने विद्यार्थियों को सरकारी और निजी क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं को समझने तथा अपने कौशल को लगातार बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के सामने एक महत्वपूर्ण सवाल भी रखा कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वे रोजगार के लिए कितने तैयार हैं और अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए अभी से क्या प्रयास कर रहे हैं। ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी क्षमताओं को पहचानने और करियर की दिशा तय करने में उपयोगी साबित हो सकते हैं।
विभागाध्यक्ष ने किया लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान
बीएससी लाइफ साइंस विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. कपिल केरोल ने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और निरंतर सीखते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ व्यावहारिक ज्ञान और व्यक्तिगत क्षमताओं के विकास पर भी ध्यान देने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम का मंच संचालन प्रो. मिताली पुरोहित एवं प्रो. अलका उपाध्याय ने किया। अंत में कॉलेज प्रशासक दिनेश राजपुरोहित ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।
ब्यूरो रिपोर्ट — शुभदर्शन TV न्यूज़ चैनल
