November 5, 2026 11:39 am

भगवान गणेश जी व महालक्ष्मी जी की पूजा विधी व महूर्त जाने।

जेडी बैरागी वैष्णव शुभदर्शन TV न्यूज़ चैनल—-आज देशभर में दीपोउत्सव दिवाली का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस दिन दिवाली का सबसे सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त शाम 7 बजकर 08 मिनट से शुरू होगा और इसका समापन रात 8 बजकर 18 मिनट पर होगा। चलिए जानते हैं दिवाली से जुड़ी संपूर्ण जानकारी के बारे में, देश के सभी ज्योतिषियों और पंडितों के तर्क को ध्यान में रखते हुए दिवाली का त्योहार आज मनाया जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। दिवाली के दिन प्रदोष काल और निशीथ काल में मां लक्ष्मी के पूजन का विधान बताया गया है। लेकिन, मां लक्ष्मी से पहले भगवान गणेश का पूजन किया जाता है। तो चलिए जानते हैं कि दिवाली पर आज शाम पूजन के लिए कौन सा सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त मिलेगा, मां लक्ष्मी की पूजन सामग्री, पूजा की विधि क्या रहने वाली है।

आज मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का शुभ मुहूर्त रात 7 बजकर 08 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 18 मिनट पर रहेगा, पूजा की अवधि 1 घंटे 11 मिनट की रहेगी। इसके अलावा, दिवाली के दिन प्रदोष काल में दीपक प्रज्वलित किए जाते हैं, जिसका मुहूर्त शाम 05 बजकर 46 मिनट से रात 08 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। वृषभ काल- शाम 7 बजकर 08 मिनट से लेकर रात 9 बजकर 03 मिनट तक रहेगा। चौथा मुहूर्त- दिवाली के पूजन के लिए महानिशीथ काल का समय भी शुभ माना जाता है। यह मुहूर्त रात रात 11 बजकर 36 मिनट से शुरू होकर 21 अक्टूबर की अर्धरात्रि 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा.दिवाली पर तीन लग्न में पूजा के मुहूर्त हैं जिसमें वृषभ, कुंभ और सिंह लग्न है। वृषभ लग्न आज शाम 7 बजकर 12 मिनट पर शुरू होकर रात 9 बजकर 03 मिनट तक रहेगा। वहीं, कुंभ लग्न का मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 36 मिनट से शुरू होकर शाम 4 बजकर 7 मिनट तक रहने वाला है। वहीं, सिंह लग्न का मुहूर्त 21 अक्टूबर को मध्यरात्रि 1 बजकर 13 मिनट से लेकर सुबह 3 बजकर 54 मिनट तक रहेगा।

पंचांग के अनुसार, कार्तिक अमावस्या तिथि की शुरुआत आज दोपहर 3 बजकर 44 मिनट पर होगी और तिथि का समापन 21 अक्टूबर को शाम 5 बजकर 55 मिनट पर होगा। दिवाली की पूजा में कल मां लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र, रंगोली का सामान, चौकी, आसन के लिए लाल या पीला वस्त्र, गंगाजल, पंचामृत, देवी-देवताओं के लिए नए वस्त्र, आभूषण, चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, काजल, मेहंदी, पुष्प या पुष्प माला, अक्षत, कुमकुम, हल्दी, चंदन, गुलाल, दीपक, रुई की बत्ती, कपूर, मिठाई, फल, बताशे, खील, पाने के पत्ते, जल का कलश, धनिए के बीज, कौड़ी और कमलगट्टा आदि।

दिवाली की रात मां लक्ष्मी की पूजा बेहद शुभ मानी जाती है। इस दिन सबसे पहले घर की अच्छी तरह सफाई करें और फिर पूजा स्थल को फूलों और दीयों से सजाएं। लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर उस पर लक्ष्मी-गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें. फिर गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण करें। अब दीप जलाकर धूप, फूल, चावल, हल्दी-कुमकुम और मिठाई अर्पित करें. मां लक्ष्मी को कमल का फूल और सिक्के चढ़ाएं। इसके बाद लक्ष्मी मंत्र ‘ऊं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः’ का जप करें और धन की स्थिरता की प्रार्थना करें। अंत में आरती कर परिवार सहित प्रसाद ग्रहण करें। दिवाली के अगले दिन करें ये एक काम दिवाली की पूजा में चढ़ाए गए सिक्के, कौड़ियों को एक लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी या पैसों के स्थान पर रख दें। उसके बाद बाकी बचे हुए प्रसाद को परिवार में बांट दें।

_जितेन्द्रदास_बैरागी_वैष्णव_* *_शुभदर्शन_TV_न्यूज़_चैनल_*
📲 +91 96851-52033
📲 +91 75092-52033

https://www.facebook.com/SUDARSHANTVMADHYAPRADESH?mibextid=9R9pXO

https://www.youtube.com/@shubhdarshantvnewschannel
आप इन दोनों लिंक पर क्लिक कर चैनल को सस्कराईब, लाइक & फॉलो जरूर करें।

*देश भर में प्रदेश, सम्भाग, जिला व तहसील स्तर पर हमारे प्रतिनिधि नियुक्त करना है, समय 10 से 5 में संपर्क करें-9685152033*
https://whatsapp.com/channel/0029Va9NjaZEFeXljAlzfH25

Leave a Comment

और पढ़ें

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें

सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्राम पीर हिंगोरिया में निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित सरदार पटेल हॉस्पिटल की टीम ने ग्रामीणों को दिया निःशुल्क परामर्श, दवाइयाँ वितरित कीं; गंभीर मरीजों के उपचार में आयुष्मान योजना की जानकारी दी