जेडी बैरागी वैष्णव- रतलाम स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति, सम्मान और राष्ट्रीय गौरव का पर्व है, लेकिन रतलाम जिले में 15 अगस्त के मौके पर सामने आई अलग-अलग घटनाओं ने व्यवस्थाओं और जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कहीं तिरंगे की सुरक्षा पर सवाल उठे तो कहीं ध्वजारोहण की व्यवस्था कटघरे में नजर आई। अब इन घटनाओं की सूची में स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम स्थल में कुत्तों के घुसने का मामला भी जुड़ गया है।
कहीं ध्वजारोहण के बाद तिरंगा चोरी होने की खबर!
सूत्रों के अनुसार जिले में कालूखेड़ा थाना क्षेत्र में एक स्थान पर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न होने के बाद राष्ट्रीय ध्वज चोरी हो जाने की घटना सामने आई। मामला सामने आने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और चोरी हुए तिरंगे को पुनः लगवाया गया। सवाल यह है कि आखिर ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रीय ध्वज की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी?
कहीं उल्टा तिरंगा लेकर निकले जिम्मेदार!
एक निजी संस्थान से जुड़ा वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर संस्थान के जिम्मेदार व्यक्ति द्वारा राष्ट्रीय ध्वज को उल्टा लेकर ग्राउंड में घुमाया गया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए हैं।
कहीं सरकारी कार्यालय में ध्वजारोहण तक नहीं हुआ!
जिले के एक शासकीय कार्यालय में 15 अगस्त पर ध्वजारोहण नहीं हो पाने की बात भी सामने आई है। यदि सरकारी कार्यालय में ही राष्ट्रीय पर्व पर निर्धारित कार्यक्रम नहीं हो पाता है तो यह निश्चित तौर पर व्यवस्था और जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है।
बारिश में लावारिस छोड़ दिया राष्ट्रीय ध्वज!
एक अन्य स्थान पर ध्वजारोहण के बाद बारिश के दौरान राष्ट्रीय ध्वज को खुले में लावारिस छोड़ दिए जाने की बात सामने आई। तिरंगा देश की आन-बान-शान का प्रतीक है। ऐसे में ध्वजारोहण के बाद उसकी सुरक्षा और सम्मानपूर्वक रखे जाने की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
और अब स्वतंत्रता दिवस के ग्राउंड में घुसे कुत्ते!
इसी बीच एक और अजब-गजब नजारा सामने आया। बताया जा रहा है कि स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम के दौरान ग्राउंड में आवारा कुत्ते घुस गए। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल मोर्चा संभाला और कुत्तों को ग्राउंड से बाहर खदेड़ा।
इस घटना ने कार्यक्रम स्थल की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए। आखिर 15 अगस्त जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व के आयोजन में कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा और व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे लोगों की नजर ग्राउंड में प्रवेश कर रहे आवारा पशुओं पर क्यों नहीं पड़ी?
हालांकि पुलिसकर्मियों ने समय रहते कुत्तों को बाहर कर दिया, लेकिन यह घटना भी जिले में 15 अगस्त की व्यवस्थाओं को लेकर सामने आ रही लापरवाहियों की कड़ी में जुड़ गई।
एक ही जिले में इतने सवाल—जिम्मेदार कौन?
रतलाम में सामने आई इन घटनाओं ने सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां केवल मंच, भाषण, फोटो और औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित रह गई हैं? राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से लेकर कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा और व्यवस्थाओं तक आखिर जिम्मेदारी किसकी है?
कहीं झंडा चोरी, कहीं उल्टा तिरंगा, कहीं ध्वजारोहण नहीं, कहीं बारिश में लावारिस तिरंगा और अब कार्यक्रम स्थल में कुत्तों की एंट्री रतलाम के 15 अगस्त के ये नजारे व्यवस्था पर कई सवाल छोड़ गए हैं।
अब जरूरत है कि संबंधित जिम्मेदार अधिकारी इन घटनाओं को गंभीरता से लें, तथ्यों की जांच करें और जहां भी लापरवाही सामने आए, वहां जिम्मेदारी तय की जाए।
क्योंकि तिरंगा सिर्फ एक झंडा नहीं देश की आन, बान और शान है। इसके सम्मान में लापरवाही किसी भी स्तर पर सवालों से परे नहीं होनी चाहिए।