रतलाम में साइबर अपराधियों के बढ़ते जाल के बीच रतलाम पुलिस ने साइबर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिले के विभिन्न पुलिस थानों में 19 नए प्रशिक्षित आरक्षकों की साइबर हेल्प डेस्क के लिए तैनाती की गई है।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार (भा.पु.से.) के निर्देशन में शुरू की गई इस व्यवस्था का सीधा फायदा आमजन को मिलेगा। अब साइबर फ्रॉड का शिकार होने पर पीड़ित को हर छोटी शिकायत के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। निकटतम पुलिस थाने की साइबर हेल्प डेस्क पर प्रारंभिक सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
फ्रॉड होते ही समय गंवाया तो पैसा जा सकता है!
UPI फ्रॉड, ऑनलाइन बैंकिंग ठगी, कार्ड फ्रॉड, OTP फ्रॉड, फिशिंग, फर्जी निवेश योजना, सोशल मीडिया फ्रॉड या किसी अन्य वित्तीय साइबर अपराध में पीड़ित को तत्काल सहायता दी जाएगी।
साइबर हेल्प डेस्क द्वारा 1930 साइबर हेल्पलाइन और NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने में मदद की जाएगी। उपलब्ध ट्रांजेक्शन डिटेल, UTR/Transaction ID, बैंक खाते, मोबाइल नंबर और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर संबंधित बैंक एवं वित्तीय संस्थाओं से समन्वय कर ठगी की रकम को होल्ड/फ्रीज कराने की कार्रवाई में सहायता की जाएगी।
मोबाइल गुम हुआ? थाने में मिलेगी तकनीकी मदद
मोबाइल फोन गुम या चोरी होने की स्थिति में भी साइबर हेल्प डेस्क आमजन को आवश्यक प्रक्रिया की जानकारी देगी। CEIR सहित उपलब्ध तकनीकी संसाधनों के माध्यम से मोबाइल को ब्लॉक/ट्रेस कराने की प्रक्रिया में सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
फर्जी अकाउंट से लेकर डिजिटल धमकी तक—साइबर हेल्प डेस्क अलर्ट
फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, संदिग्ध वेबसाइट, फिशिंग लिंक, फर्जी विज्ञापन, डिजिटल धमकी और अन्य ऑनलाइन अपराधों में पीड़ित को प्रारंभिक मार्गदर्शन मिलेगा। गंभीर और जटिल मामलों को जिला साइबर सेल एवं वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाकर तकनीकी सहायता ली जाएगी।
इसके अलावा GRM एवं MRM पोर्टल, अकाउंट अनफ्रीज, म्यूल बैंक अकाउंट, संदिग्ध मोबाइल नंबर और फर्जी सिम से जुड़े मामलों में भी आवश्यक प्रक्रिया के तहत सहायता और समन्वय किया जाएगा।
19 नए साइबर योद्धा, पुराने प्रशिक्षित जवानों के साथ संभालेंगे मोर्चा
नवनियुक्त 19 प्रशिक्षित आरक्षक थाना स्तर पर पहले से कार्यरत प्रशिक्षित साइबर योद्धाओं के साथ मिलकर काम करेंगे। इन्हें साइबर शिकायतों की प्रारंभिक जांच, डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण, बैंकिंग लेन-देन संबंधी जानकारी, मोबाइल एवं तकनीकी साक्ष्यों और शिकायतों को उचित माध्यम तक पहुंचाने का प्रशिक्षण दिया गया है।
इससे रतलाम जिले के प्रत्येक थाने की साइबर अपराधों पर शुरुआती प्रतिक्रिया और कार्रवाई की क्षमता और मजबूत होगी।
रतलाम पुलिस की अपील—ठगी हो तो एक मिनट भी बर्बाद मत करो!
अगर आपके साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होती है तो तुरंत 1930 पर कॉल करें और अपने बैंक को भी तत्काल सूचना दें। साथ ही निकटतम पुलिस थाने की साइबर हेल्प डेस्क से संपर्क करें।
OTP, UPI PIN, CVV और पासवर्ड किसी से साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक न करें और संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड करने से बचें।
रतलाम पुलिस का संदेश साफ—साइबर अपराधी चाहे जितना शातिर हो, शिकायत में देरी नहीं, कार्रवाई में तेजी होगी।