रतलाम के जावरा में विश्व हिंदू परिषद के रतलाम विभाग का एक दिवसीय सत्संग वर्ग जावरा स्थित अंबिका रिसॉर्ट्स में आयोजित किया गया। वर्ग में बड़ी संख्या में विभाग, जिले, प्रखंड एवं खंड स्तर के कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम में वक्ताओं ने सत्संग को केवल धार्मिक गतिविधि नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के वैचारिक निर्माण, संगठन की मजबूती और समाज में संस्कारों के जागरण का प्रभावी माध्यम बताया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता एवं राम दरबार के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इसके बाद केंद्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सत्संग की भूमिका और विश्व हिंदू परिषद की कार्यपद्धति पर विस्तार से प्रकाश डाला।
‘सत्संग ही विहिप की प्राण शक्ति और जड़’
वर्ग में मुख्य वक्ता केंद्रीय सह सत्संग प्रमुख श्री महेंद्र जी वेदक ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद की प्राण शक्ति सत्संग में है। उन्होंने कहा कि संगठन की कार्यपद्धति का प्रमुख आधार सत्संग है और विहिप का सत्संग उसके विभिन्न आयामों से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद का सत्संग देव भक्ति से देश भक्ति के जागरण का कार्य करता है। यही इसकी विशेषता है और इसी कारण यह अन्य सामान्य सत्संगों से अलग पहचान रखता है। सत्संग के माध्यम से समाज में धार्मिक चेतना के साथ-साथ राष्ट्र, संस्कृति और सामाजिक दायित्व के प्रति जागरूकता पैदा करने का प्रयास किया जाता है।
52 सप्ताह चलने वाले सत्संग को प्रभावी बनाने पर जोर
प्रांत संगठन मंत्री श्री खगेंद्र जी भार्गव ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्षभर 52 सप्ताह चलने वाला सत्संग ऊर्जावान और उत्साहपूर्ण बना रहे, इसके लिए समय-समय पर सत्संग वर्ग आयोजित करना आवश्यक है।
उन्होंने संगठन की जमीनी गतिविधियों को मजबूत करने के लिए ‘एक कार्यकर्ता—एक सत्संग’ तथा ‘जहां समिति—वहां सत्संग’ जैसे संकल्पों को प्रभावी रूप से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संगठन को समाज की प्रत्येक इकाई और प्रत्येक परिवार तक पहुंचाने के लिए कुटुंब सत्संग व्यवस्था को प्रारंभ करना आवश्यक है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सत्संग ही विश्व हिंदू परिषद की जड़ है। जड़ मजबूत होगी तो संगठन का विस्तार और प्रभाव भी उतना ही मजबूत होगा। इसलिए कार्यकर्ताओं को सत्संग को संगठन की नियमित गतिविधि के रूप में आगे बढ़ाने की दिशा में गंभीरता से काम करना होगा।
देव भक्ति से राष्ट्र भक्ति तक जागरण का संदेश
वर्ग के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को अपनी सनातन परंपरा, संस्कृति, संस्कार और राष्ट्रभाव से जोड़ने की आवश्यकता है। सत्संग के माध्यम से परिवारों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण निर्माण के साथ युवाओं और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यकर्ताओं से आह्वान किया गया कि वे केवल स्वयं तक सीमित न रहें, बल्कि अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित सत्संग के माध्यम से अधिक से अधिक परिवारों को जोड़ें और संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करें।
विभाग एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों की रही उपस्थिति
वर्ग में प्रांत सह मंत्री श्री महेश जी आंजना, प्रांत सह सत्संग प्रमुख श्री सौरभ जी चतुर्वेदी, प्रांत सेवा प्रमुख श्री आशुतोष जी शेखावत सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
विभाग स्तर से विभाग मंत्री श्री पवन जी बंजारा, विभाग संयोजक राजाराम ओहरी, विभाग सहसंयोजक राधेश्याम आंजना, विभाग सहसंयोजक बंटी शर्मा, विभाग सहसंयोजक राहुल सोनी, विभाग गोरक्षा प्रमुख नटवर राव, विभाग सामाजिक समरसता प्रमुख रवि निन्दाने तथा विभाग धर्म प्रसार प्रमुख डॉ. जितेंद्र जी सहित कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।
जिला स्तर से जावरा जिला अध्यक्ष नंदराम पाटीदार, रतलाम जिला अध्यक्ष जयंतीलाल पाटीदार एवं जिला मंत्री तूफान सिंह यादव सहित जिले के विभिन्न पदाधिकारी, प्रखंड एवं खंड स्तर के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
भारत माता की आरती और अजय घोष के साथ हुआ समापन
एक दिवसीय सत्संग वर्ग के दौरान कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने, नियमित सत्संग को मजबूत करने और कुटुंब सत्संग व्यवस्था को समाज के बीच ले जाने का संदेश दिया गया।
अंत में भारत माता की आरती की गई तथा अजय घोष के साथ एक दिवसीय वर्ग का समापन हुआ। आयोजन के दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह और ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला।
