रतलाम डॉक्टर बनने का सपना सिर्फ एक विद्यार्थी का सपना नहीं होता, बल्कि उसके पीछे माता-पिता की वर्षों की मेहनत, त्याग और उम्मीदें भी जुड़ी होती हैं। रतलाम के लिए यह गौरव का अवसर है कि शहर के सात विद्यार्थियों ने अपने ही शहर के रतलाम मेडिकल कॉलेज में MBBS में प्रवेश हासिल किया है। अब ये विद्यार्थी अपने शहर में रहकर चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करेंगे और डॉक्टर बनने की दिशा में अपने सपनों को नई उड़ान देंगे।
MBBS में प्रवेश के पहले दिन का नजारा विद्यार्थियों और उनके माता-पिता के लिए भावुक और यादगार रहा। अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट की टीम विद्यार्थियों और उनके माता-पिता के साथ रतलाम मेडिकल कॉलेज पहुंची। कॉलेज परिसर में विद्यार्थियों का सम्मान कर उन्हें नए सफर के लिए शुभकामनाएं दी गईं। इस दौरान विद्यार्थियों के चेहरों पर सफलता की खुशी और माता-पिता की आंखों में गर्व साफ नजर आया।

सात विद्यार्थियों ने हासिल किया MBBS में प्रवेश
रतलाम मेडिकल कॉलेज में MBBS में प्रवेश पाने वाले अभ्यास के विद्यार्थियों में—
- पुष्कर कनौजिया, पिता जितेंद्र जी
- जया चारेल, पिता हीरालाल चारेल
- पूजा चौहान, पिता राजू चौहान
- सागर मेडा, पिता बालचंद मईडा
- अक्षरा डावर, पिता प्रकाश जी
- वंदना परिहार, पिता शंभूलाल जी परिहार
- हेमलता डोडियार, पिता ओंकार सिंह
शामिल हैं।
इन विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर मेडिकल कॉलेज में प्रवेश हासिल कर अपने परिवार के साथ-साथ रतलाम का नाम भी गौरवान्वित किया है।
सपने से हकीकत तक पहुंचा सफर
इन विद्यार्थियों की सफलता का सबसे भावुक पहलू यह है कि जिन बच्चों ने कभी अभ्यास संस्थान में बैठकर डॉक्टर बनने का सपना देखा था, आज वे उसी सपने को साकार करने के लिए मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थी बन चुके हैं।
अभ्यास की टीम विद्यार्थियों को उनके कॉलेज के पहले दिन माता-पिता के साथ मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंची। कॉलेज गेट तक उन्हें छोड़कर शुभकामनाएं दी गईं। विद्यार्थियों के लिए यह सिर्फ कॉलेज का पहला दिन नहीं था, बल्कि डॉक्टर बनने के लंबे और जिम्मेदारी भरे सफर की शुरुआत थी।
वहीं माता-पिता के लिए यह वह पल था, जिसका इंतजार उन्होंने वर्षों तक किया। बच्चों की सफलता के साथ उनके चेहरे पर खुशी और संतोष दिखाई दिया।
अपने शहर में पढ़ेंगे, भविष्य में करेंगे सेवा
रतलाम मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिलने से विद्यार्थियों को अपने शहर में ही MBBS की पढ़ाई करने का अवसर मिला है। अब वे चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करते हुए भविष्य में डॉक्टर बनकर समाज और चिकित्सा क्षेत्र में अपनी सेवाएं देने की तैयारी करेंगे।
इन विद्यार्थियों की उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि स्थानीय स्तर पर मेडिकल शिक्षा का अवसर मिलने से विद्यार्थियों और उनके परिवारों को अपने शहर में रहकर आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।
अभ्यास परिवार के लिए भी गौरव का क्षण
विद्यार्थियों की सफलता पर अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट की टीम ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। संस्था की टीम के लिए भी यह भावुक क्षण रहा, क्योंकि जिन विद्यार्थियों को कभी डॉक्टर बनने के सपने के साथ मार्गदर्शन दिया गया था, वही विद्यार्थी अब मेडिकल कॉलेज की दहलीज पर पहुंच चुके हैं।
अभ्यास परिवार ने कहा कि विद्यार्थियों की यह उपलब्धि उनके परिवार के साथ-साथ पूरे रतलाम के लिए गर्व का विषय है। आने वाले वर्षों में यही विद्यार्थी डॉक्टर बनकर अपने माता-पिता, गुरुजनों, संस्था और शहर का नाम रोशन करेंगे।
रतलाम के इन सात विद्यार्थियों की सफलता यह संदेश देती है कि सपने बड़े हों और उन्हें हासिल करने का संकल्प मजबूत हो, तो मेहनत एक दिन सफलता का रास्ता जरूर खोलती है। मेडिकल कॉलेज का पहला दिन इन विद्यार्थियों के लिए एक नई शुरुआत है—एक ऐसी शुरुआत, जिसके आगे डॉक्टर बनने का सपना और समाज की सेवा का संकल्प है।
