November 5, 2026 11:45 am

भोजशाला पर ऐतिहासिक फैसला : हाई कोर्ट ने माना हिंदू मंदिर, मालवा में गूंजा जयकारा

शुभदर्शन TV न्यूज़ चैनल, नेटवर्क—धार की ऐतिहासिक भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद पर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए भोजशाला को हिंदू मंदिर घोषित कर दिया। इंदौर हाई कोर्ट की खंडपीठ ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि भोजशाला प्राचीन काल में संस्कृत शिक्षा और मां वाग्देवी की उपासना का प्रमुख केंद्र रही है। इस फैसले के बाद अब परिसर में केवल पूजा-अर्चना होगी। फैसले को हिंदू पक्ष की बड़ी कानूनी और धार्मिक जीत माना जा रहा है।

फैसले के बाद पूरे मालवा क्षेत्र में माहौल गर्म हो गया। धार, इंदौर, रतलाम सहित कई जिलों में पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट पर नजर आया। संवेदनशीलता को देखते हुए भोजशाला परिसर और पूरे धार शहर में करीब 1200 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन ने विवादित स्थल के चारों ओर अवरोधक लगाकर घेराबंदी कर दी और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी गई।

11वीं सदी के इस ऐतिहासिक स्थल को लेकर वर्षों से विवाद चल रहा था। हिंदू पक्ष भोजशाला को मां सरस्वती यानी वाग्देवी का मंदिर मानता रहा है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद बताता आया है। वहीं जैन समुदाय के एक पक्ष ने भी इसे प्राचीन जैन गुरुकुल और मंदिर होने का दावा किया था।

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब उच्च न्यायालय ने 11 मार्च 2024 को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई को वैज्ञानिक सर्वेक्षण का आदेश दिया। 22 मार्च 2024 से शुरू हुए इस सर्वेक्षण ने लगातार 98 दिनों तक परिसर की बारीकी से जांच की। एएसआई ने अपनी 2000 से अधिक पन्नों की रिपोर्ट अदालत में पेश करते हुए दावा किया कि मस्जिद से पहले वहां परमार राजाओं के काल का विशाल मंदिरनुमा ढांचा मौजूद था और वर्तमान संरचना मंदिर के अवशेषों का पुन: उपयोग कर बनाई गई।

हिंदू पक्ष ने अदालत में दावा किया कि सर्वे के दौरान मिले सिक्के, मूर्तियां, स्तंभ और शिलालेख साफ संकेत देते हैं कि यह स्थल मूल रूप से मंदिर था। वहीं मुस्लिम पक्ष ने एएसआई रिपोर्ट को पक्षपातपूर्ण बताते हुए सवाल खड़े किए। हालांकि एएसआई ने अदालत में स्पष्ट किया कि सर्वे पूरी तरह वैज्ञानिक तरीके से विशेषज्ञों की निगरानी में किया गया और इसमें मुस्लिम समुदाय के तीन विशेषज्ञ भी शामिल थे।

फैसले के दिन शुक्रवार की नमाज भी होने के कारण प्रशासन अतिरिक्त सतर्क नजर आया। दोपहर एक बजे से तीन बजे तक नमाज के समय पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट और अफवाह फैलाने वालों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

धार कलेक्टर राजीव रंजन मीणा ने साफ कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन लगातार सोशल मीडिया मॉनिटरिंग कर रहा है और किसी भी आपत्तिजनक सामग्री पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।

भोजशाला पर आए इस फैसले को हिंदू संगठनों ने “इतिहास और आस्था की जीत” बताया है। फैसले के बाद कई स्थानों पर लोगों ने खुशी जताई, जबकि प्रशासन शांति बनाए रखने की अपील करता नजर आया। अब पूरे देश की नजर इस ऐतिहासिक फैसले के बाद आगे की प्रशासनिक कार्रवाई और संभावित कानूनी प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।

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