राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर रतलाम जिले के जावरा सिविल हॉस्पिटल में जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रतलाम डॉ मनीष सिंह और जिला मलेरिया अधिकारी डा प्रमोद प्रजापति के मार्गदर्शन तथा CBMO डॉ. शंकरलाल खराड़ी के निर्देशन में संपन्न हुआ।
कार्यशाला में प्रभारी सुपरवाइजर शैलेन्द्र कुमार दवे ने डेंगू के लक्षण, बचाव, उपचार और मच्छरों की उत्पत्ति रोकने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी।
मेडिकल ऑफिसर डा नरेंद्र वर्मा, डा विजय चौहान और डा विनय धाकड़ ने बताया कि डेंगू संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। लगातार बुखार, सिरदर्द, जोड़ो व मांसपेशियों में दर्द, शरीर पर लाल चकते इसके प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच और उपचार कराना जरूरी है।
बीईई बसंतीलाल मईडा, BPM रघुनंदन पाटीदार और मलेरिया इंस्पेक्टर सलीम मंसूरी ने बताया कि गर्भवती महिलाओं, बच्चों, डायबिटीज और हृदय रोगियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और 12 घंटे के भीतर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग की अपील:
घरों में पानी जमा न होने दें, टंकी, मटके और कूलर सप्ताह में एक बार खाली करें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, मच्छररोधी स्प्रे और साफ-सफाई का ध्यान रखें
कार्यशाला में सुपरवाइजर, CHO, ANM, आशा सुपरवाइजर सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
