November 6, 2026 4:20 pm

गडकरी का जावरा दौरा अंतिम समय में रद्द, फिर टली ग्रीनफील्ड फोरलेन की नींव! आखिर कब खत्म होगा इंतजार?

रतलाम के जावरा से जावरा-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना का इंतजार कर रहे मालवा अंचल के लाखों लोगों को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का 9 जुलाई 2026 को प्रस्तावित जावरा दौरा अंतिम समय में निरस्त कर दिया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार प्रदेश और जिले में खराब मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
गडकरी के जावरा आगमन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज गति से चल रही थीं। बताया जा रहा था कि वे जावरा-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन निर्माण कार्य के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे। लेकिन दौरा रद्द होने के साथ ही भूमिपूजन कार्यक्रम भी एक बार फिर अनिश्चितकाल के लिए टल गया है।
सुबह तय हुआ कार्यक्रम, शाम तक रद्द हो गया दौरा
सबसे हैरानी की बात यह रही कि बुधवार सुबह जैसे ही केंद्रीय मंत्री के संभावित दौरे की सूचना प्रशासन तक पहुंची, पूरा सरकारी अमला सक्रिय हो गया। एसडीएम, एसडीओपी, सीएसपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी संभावित कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए और तैयारियों का जायजा लेने लगे।
जावरा के समीप स्थित अरनिया पीथा कृषि उपज मंडी को कार्यक्रम स्थल के रूप में तैयार किया जा रहा था। प्रशासन ने कम समय में व्यवस्था बनाने के लिए मंडी परिसर के प्लेटफॉर्म और किसानों के उपज रखने वाले डोम का उपयोग करने की योजना बनाई थी।
किसानों की उपज हटवाई गई, लेकिन कार्यक्रम ही नहीं हुआ- कार्यक्रम की तैयारियों के बीच किसानों द्वारा मंडी डोम में रखी गई उपज को हटाकर दूसरी जगह रखने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी। किसानों को उम्मीद थी कि यदि केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री का कार्यक्रम तय होता है तो क्षेत्र को बड़ी सौगात मिलेगी।
इधर, 9 जुलाई को मंडी में अवकाश घोषित किए जाने की चर्चाएं भी तेज हो गई थीं। हालांकि, जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ था।
सबसे बड़ा सवाल – आखिर कब शुरू होगा ग्रीनफील्ड हाईवे?
जावरा-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना लंबे समय से चर्चा और घोषणाओं के बीच अटकी हुई है। हर बार उम्मीद जगती है, तैयारियां होती हैं, लेकिन अंतिम समय में कार्यक्रम टल जाता है और जनता को फिर इंतजार की कतार में खड़ा कर दिया जाता है।
व्यापारियों, किसानों और रोजाना इस मार्ग पर सफर करने वाले हजारों लोगों का कहना है कि उन्हें अब घोषणाएं नहीं, बल्कि जमीन पर काम शुरू होता हुआ देखना है।
जनता पूछ रही है सवाल
क्या जावरा-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन सिर्फ घोषणाओं और भूमिपूजन की तारीखों तक ही सीमित रहेगा?
आखिर इस परियोजना के शिलान्यास की वास्तविक तारीख कब तय होगी?
क्या प्रशासन को कार्यक्रम की पुष्टि से पहले इतनी बड़ी तैयारियां शुरू करनी चाहिए थीं?
किसानों की उपज हटवाने और व्यवस्थाएं बदलने की जिम्मेदारी कौन लेगा?
क्या मालवा क्षेत्र को उसकी सबसे महत्वपूर्ण सड़क परियोजना के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा?
फिलहाल, केंद्रीय मंत्री का दौरा निरस्त होने के बाद एक बार फिर पूरे क्षेत्र की निगाहें अगली तारीख पर टिक गई हैं। अब देखना होगा कि जावरा-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना की शुरुआत का सपना आखिर कब हकीकत में बदलता है।

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