रतलाम के जावरा में सनातन धर्म की प्राचीन परंपराओं, सामाजिक समरसता और धर्म-संस्कृति के संरक्षण के संकल्प को लेकर जावरा विधानसभा क्षेत्र में एक बार फिर सनातनी समाज लामबंद होने जा रहा है। सामाजिक समरसता कावड़ यात्रा को लेकर आयोजित बैठक में मंगलवार को बड़ी संख्या में शिवभक्त और सनातन समाज के लोग जुटे। इस दौरान ‘भोले शंभू-भोलेनाथ’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा पांडाल गूंज उठा।
निजी रिसोर्ट में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए जावरा विधायक डॉ. राजेंद्र पाण्डेय ने कहा कि सनातन धर्म की प्राचीन परंपराओं और सामाजिक समरसता के संकल्प को समाज में स्थापित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। क्षेत्र और जन-जन की खुशहाली के उद्देश्य को सार्थक करने के लिए सामाजिक समरसता कावड़ यात्रा का आयोजन किया जाता रहा है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों को इस यात्रा से जोड़ने और इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित करें।
जयघोष से गूंज उठा पांडाल, कावड़ यात्रा के फोल्डर का विमोचन
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर बाबा महाकाल के चित्र पर माल्यार्पण के साथ की गई। इसके बाद विधायक डॉ. राजेंद्र पाण्डेय सहित अन्य अतिथियों ने सामाजिक समरसता कावड़ यात्रा के फोल्डर का विमोचन किया।
जैसे ही कार्यक्रम आगे बढ़ा, पांडाल ‘भोले शंभू-भोलेनाथ’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा। माहौल पूरी तरह शिवमय नजर आया और बड़ी संख्या में मौजूद शिवभक्तों ने कावड़ यात्रा को सफल बनाने का संकल्प लिया।
सनातन धर्म की रक्षा और प्रचार-प्रसार के लिए कावड़ यात्रा
शिवभक्त सेवा समिति के संस्थापक प्रांजल पाण्डेय ने कावड़ यात्रा के आयोजन की रूपरेखा और उद्देश्य की जानकारी देते हुए कहा कि सनातन धर्म की रक्षा, उसके प्रचार-प्रसार और सामाजिक एकता को मजबूत करने के उद्देश्य से कावड़ यात्रा निकाली जा रही है।
उन्होंने यात्रा में शामिल होने के इच्छुक कावड़ियों से समिति के सदस्यों से सीधे संपर्क करने की अपील की। साथ ही उन्होंने सनातन धर्म के सम्मान में आयोजित इस यात्रा में परिवार सहित एक दिन के लिए स्वेच्छा से शामिल होने का आह्वान किया।
प्रांजल पाण्डेय ने कहा कि सनातन धर्म को मजबूत बनाने और भगवा ध्वज के सम्मान के लिए समाज को एकजुट होकर आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और एकजुटता का संदेश देने का माध्यम भी है।
1 अगस्त से गांव-गांव पहुंचेगी समिति, लोगों को जोड़ेगी यात्रा से
समिति ने कावड़ यात्रा को व्यापक रूप देने की तैयारी शुरू कर दी है। संस्थापक प्रांजल पाण्डेय ने बताया कि 1 अगस्त से समिति के सदस्य गांव-गांव पहुंचेंगे। ग्रामीणों को यात्रा की जानकारी देने के साथ ही अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने के लिए जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
समिति का लक्ष्य है कि जावरा विधानसभा क्षेत्र के गांवों और शहरों से बड़ी संख्या में शिवभक्त इस यात्रा में शामिल हों और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएं।
22 अगस्त से शुरू होगी तीन दिवसीय कावड़ यात्रा
तीन दिवसीय सामाजिक समरसता कावड़ यात्रा 22 अगस्त से श्री मनकामनेश्वर मिण्डाजी महादेव मंदिर से प्रारंभ होगी।
यात्रा जावरा नगर का भ्रमण करते हुए 23 अगस्त को पिपलौदा पहुंचेगी। इसके बाद यात्रा ग्राम आम्बा पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा।
अगली सुबह कावड़ यात्रा सैलाना स्थित प्रसिद्ध केदारेश्वर महादेव मंदिर के लिए रवाना होगी।
सनातनी समाज से एकजुट होने की अपील
बैठक में जावरा विधानसभा क्षेत्र के बड़ी संख्या में सनातनी समाज के लोग और शिवभक्त उपस्थित रहे। वक्ताओं ने समाज से अपील की कि सनातन धर्म की प्राचीन परंपराओं, धार्मिक संस्कृति और सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लिए सभी लोग एकजुट होकर इस यात्रा में सहभागी बनें।
आयोजकों ने स्पष्ट संदेश दिया कि यह यात्रा केवल कांवड़ उठाने तक सीमित नहीं, बल्कि सनातन परंपरा, सामाजिक एकता और समरसता के संकल्प को मजबूत करने का अभियान है।
अब 22 अगस्त को जब कावड़ यात्रा निकलेगी, तो जावरा से लेकर पिपलौदा और आम्बा होते हुए सैलाना तक भगवा ध्वज और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ शिवभक्ति का माहौल देखने को मिलेगा।
बैठक का संचालन महेश सोनी ने किया।