रतलाम जिले में जावरा- उज्जैन ग्रीनफील्ड 4-लेन एक्सप्रेस-वे परियोजना को लेकर प्रशासन ने निर्माण कार्य में तेजी लाने और भूमि अधिग्रहण से जुड़े लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण करने पर जोर दिया है। परियोजना की समीक्षा कलेक्टर अजय कटेसरिया एवं जावरा विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय द्वारा की गई। समीक्षा बैठक में निर्माण कार्य की प्रगति के साथ-साथ किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
98.730 किलोमीटर लंबा होगा एक्सप्रेस-वे
उज्जैन से जावरा के बीच करीब 98.730 किलोमीटर लंबाई में ग्रीनफील्ड 4-लेन एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जा रहा है। इसमें उज्जैन जिले की सीमा में 78.080 किलोमीटर तथा रतलाम जिले में 20.650 किलोमीटर सड़क का निर्माण प्रस्तावित है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल लागत करीब 2,080 करोड़ रुपए बताई गई है। परियोजना का अनुबंध हाइब्रिड एन्युइटी मोड यानी HAM के अंतर्गत मेसर्स उज्जैन जावरा महाकालेश्वर हाईवेज प्राइवेट लिमिटेड के साथ 30 अप्रैल 2026 को किया गया था।
निर्माण कार्य 16 जुलाई 2026 से प्रारंभ हो चुका है और अनुबंध के अनुसार इसे 15 जुलाई 2028 तक पूरा किया जाना निर्धारित है।
रतलाम में 179 किसान प्रभावित
परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के चलते रतलाम जिले के कुल 8 गांवों के 179 किसान प्रभावित हो रहे हैं। समीक्षा के दौरान सामने आया कि इनमें से 140 किसानों के बैंक खाते प्राप्त हो चुके हैं, जबकि 39 किसानों के खाते अभी प्राप्त नहीं हुए हैं।
मुआवजा भुगतान की स्थिति देखें तो अब तक 129 किसानों को मुआवजा राशि का भुगतान किया जा चुका है। वहीं 50 किसानों का भुगतान अभी शेष है।
यानी एक्सप्रेस-वे निर्माण की रफ्तार के बीच किसानों से जुड़े मुआवजा मामलों का पूरी तरह निपटारा होना अभी बाकी है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
समीक्षा के दौरान कलेक्टर अजय कटेसरिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि अधिग्रहण और मुआवजा भुगतान से संबंधित सभी लंबित कार्यों को समय-सीमा में पूरा किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना के निर्माण में आने वाली व्यावहारिक परेशानियों का समाधान संबंधित विभाग आपसी समन्वय से करें। किसी भी स्तर पर समन्वय की कमी के कारण निर्माण कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए।
प्रशासन का फोकस अब दो मोर्चों पर है—एक तरफ एक्सप्रेस-वे निर्माण को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करना और दूसरी तरफ प्रभावित किसानों से जुड़े लंबित मुआवजा प्रकरणों का जल्द निराकरण करना।
2,080 करोड़ की परियोजना, 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य
उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सड़क परियोजना माना जा रहा है। करीब 2,080 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह 4-लेन मार्ग उज्जैन और जावरा के बीच सीधा एवं बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
हालांकि परियोजना का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, लेकिन भूमि अधिग्रहण और मुआवजा भुगतान जैसे मुद्दे पूरी तरह समाप्त होना जरूरी है। प्रशासन द्वारा लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।
अब देखने वाली बात होगी कि 50 किसानों के लंबित मुआवजा प्रकरण कितनी तेजी से सुलझते हैं और 2028 की तय समय-सीमा के भीतर एक्सप्रेस-वे का निर्माण कितना प्रभावी ढंग से पूरा हो पाता है।
