रतलाम जिले की पिपलौदा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत हरियाखेड़ा में पेयजल व्यवस्था को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। गांव में लगातार छठे दिन नलों से पानी नहीं आने के कारण ग्रामीणों की परेशानी अब चरम पर पहुंच गई है। हालात ऐसे हैं कि जिन दिनों में भारी बारिश के कारण जलसंकट की उम्मीद भी नहीं की जाती, उन्हीं दिनों हरियाखेड़ा के ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए निजी टैंकरों पर निर्भर होना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत के नल चालक को पिछले करीब 9 महीने से वेतन नहीं दिया गया है। लंबे समय से भुगतान नहीं होने से नाराज नल चालक ने पानी की सप्लाई बंद कर दी। इसके बाद गांव की नियमित जलापूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो गई और देखते ही देखते समस्या ने गंभीर रूप ले लिया।
छठे दिन भी पानी का इंतजार, टैंकरों के भरोसे ग्रामीण
जलापूर्ति बंद होने के बाद ग्रामीणों के सामने पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है। लोग मजबूरी में निजी टैंकर मंगवाकर पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। बार-बार टैंकर बुलाने से ग्रामीणों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक दिन या दो दिन की समस्या नहीं है। लगातार छह दिनों से नल नहीं चलने के कारण घरों में पानी का भंडार खत्म हो चुका है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है।
भारी बारिश के बीच पानी की किल्लत ने व्यवस्था पर उठाए सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब क्षेत्र में बारिश का दौर चल रहा है, तब भी एक पूरे गांव को पीने के पानी के लिए निजी टैंकरों का सहारा क्यों लेना पड़ रहा है?
ग्रामीणों के अनुसार पंचायत स्तर पर कर्मचारियों और संबंधित लोगों के भुगतान लंबित हैं। इसी वजह से पंचायत की व्यवस्थाएं प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि भुगतान संबंधी विवाद का खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
सरपंच के जेल में होने का भी मामला चर्चा में
ग्राम पंचायत की मौजूदा व्यवस्थाओं को लेकर ग्रामीणों के बीच यह बात भी चर्चा में है कि ग्राम पंचायत का सरपंच जेल में है, जिसके चलते पंचायत के कामकाज और भुगतान व्यवस्था पर भी असर पड़ा है। हालांकि इस स्थिति और लंबित भुगतानों की वास्तविक प्रशासनिक स्थिति संबंधित अधिकारियों से स्पष्ट की जानी बाकी है।
लेकिन सवाल सीधा है—पंचायत के आंतरिक विवाद, भुगतान की समस्या या प्रशासनिक प्रक्रिया का खामियाजा आखिर ग्रामीण क्यों भुगतें?
शुभदर्शन TV न्यूज़ चैनल ने जनपद पंचायत CEO से की बात
मामले की गंभीरता को देखते हुए शुभदर्शन TV न्यूज़ चैनल ने पिपलौदा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ब्रह्म कुमार हंस से बातचीत की।
सीईओ ब्रह्म कुमार हंस ने बताया कि हरियाखेड़ा में पानी की समस्या का मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं और जल्द ही नल की जलापूर्ति शुरू करवाने की बात कही है।
सीईओ ने यह भी बताया कि वे फिलहाल इसी मामले के संबंध में इंदौर हाईकोर्ट आए हुए हैं।
अब देखना होगा कब लौटेगा हरियाखेड़ा के घरों में पानी?
फिलहाल हरियाखेड़ा के ग्रामीण प्रशासन से तत्काल राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। छह दिन से बंद जलापूर्ति के बीच ग्रामीणों का सवाल है कि वैकल्पिक व्यवस्था कब तक जमीन पर दिखाई देगी और गांव में नियमित नल कब शुरू होंगे?
ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन तत्काल पानी की व्यवस्था करे, नल चालक के लंबित भुगतान सहित पंचायत से जुड़े भुगतान संबंधी मामलों का समाधान करे और यह सुनिश्चित करे कि पंचायत की प्रशासनिक अथवा वित्तीय समस्या का असर आम ग्रामीणों की मूलभूत जरूरत पीने के पानी पर दोबारा न पड़े।