रतलाम औद्योगिक क्षेत्र थाना इलाके में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से परेशान पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी भिषण उर्फ विशन को गिरफ्तार किया है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर 1 किलो 300 ग्राम चांदी और 15 हजार रुपए नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस का दावा है कि चोरी की इन वारदातों के पीछे दूसरे जिलों से जुड़े आरोपियों का गिरोह सक्रिय हो सकता है।
पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि औद्योगिक क्षेत्र में हो रही चोरी की घटनाओं में बोरी, जिला अलीराजपुर क्षेत्र के संदिग्ध चोरों की भूमिका हो सकती है। सूचना के आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और सुरेश पिता अकरम भूरिया निवासी ग्राम गढ़वाली, थाना कोतवाली, जिला झाबुआ को गिरफ्तार कर पूछताछ की। पूछताछ में उसने मोहब्बत और अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदात करना बताया।
इसके बाद पुलिस ने भिषण उर्फ विशन पिता हेमलू, उम्र 32 वर्ष, निवासी फुट तालाब को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के साथ चोरी की घटना में शामिल होना स्वीकार किया। उसे अपराध क्रमांक 748/2026, धारा 331(4), 305(ए) बीएनएस के तहत गिरफ्तार किया गया।
चार-पांच टीमों का नेटवर्क होने का दावा
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि थाना बोरी, जिला अलीराजपुर और थाना टांडा, जिला धार क्षेत्र की करीब 4-5 टीमों में शामिल 20-25 लोग अलग-अलग जिलों में जाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं। हालांकि इन दावों की पुलिस द्वारा आगे जांच की जा रही है।

पुलिस अब आरोपी मोहब्बत और उसके अन्य साथियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपी भिषण उर्फ विशन को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड लेने की तैयारी की जा रही है, ताकि चोरी के नेटवर्क, अन्य वारदातों और बरामद माल के संबंध में पूछताछ की जा सके।
पुलिस ने बताया कि पहले गिरफ्तार किए गए मुन्ना और प्यारसिंह तथा भिषण उर्फ विशन से कुल 1 किलो 300 ग्राम चांदी एवं 15 हजार रुपए नकद जब्त किए गए हैं।
कई जिलों में फैले नेटवर्क की आशंका
पूछताछ में सामने आए तथ्यों ने पुलिस के सामने चोरी के ऐसे नेटवर्क की आशंका खड़ी कर दी है, जो एक जिले तक सीमित नहीं है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने रतलाम के अलावा अन्य जिलों में कितनी वारदातें की हैं और चोरी का माल कहां खपाया गया।
अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजर है—क्या पूछताछ में चोरी की और वारदातों का खुलासा होता है और इस कथित नेटवर्क के कितने सदस्य पुलिस की गिरफ्त में आते हैं, यह आने वाले दिनों में सामने आएगा।