रतलाम जिले में खेत में कपास और मक्का की फसल के बीच कथित रूप से गांजे की अवैध खेती! रतलाम जिले के शिवगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम जाम्बुकुड़ी में पुलिस की कार्रवाई ने अवैध मादक पदार्थों की खेती का मामला उजागर किया है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने खेत में दबिश देकर गांजे के 127 हरे पौधे जब्त किए। इनका कुल वजन 17.025 किलोग्राम और अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब अवैध मादक पदार्थों की खेती, तस्करी और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार अभियान चलाने का दावा कर रही है। अब पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती भी है कि इस खेती के पीछे केवल गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका थी या मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच आवश्यक है।
मुखबिर की सूचना पर खेत में दबिश, पुलिस को देखकर भागने का प्रयास
पुलिस के अनुसार, 9 अक्टूबर 2026 को थाना शिवगढ़ को सूचना मिली कि ग्राम जाम्बुकुड़ी निवासी प्रभुलाल पिता रखमा पारगी ने अपने खेत में अवैध रूप से गांजे के पौधे उगा रखे हैं।

सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और खेत की घेराबंदी कर दबिश दी। पुलिस के मुताबिक, खेत में दो व्यक्ति काम करते दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने पंचों और पुलिस बल की मदद से उन्हें पकड़ लिया।
पूछताछ में आरोपियों की पहचान प्रभुलाल पिता रखमा पारगी, उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम जाम्बुकुड़ी तथा प्रकाश पिता विश्राम देवधा, उम्र 29 वर्ष, निवासी मनासा, थाना शिवगढ़, जिला रतलाम, हाल मुकाम ग्राम जाम्बुकुड़ी के रूप में हुई।
कपास और मक्का के बीच छिपाकर उगाए गए थे पौधे
पुलिस की तलाशी के दौरान खेत में कपास और मक्का की फसल के बीच अलग-अलग स्थानों पर गांजे जैसे हरे पौधे मिले। पुलिस ने पंचों की मौजूदगी में पौधों की गिनती और जब्ती की कार्रवाई की।
कार्रवाई में कुल 127 हरे पौधे जब्त किए गए, जिनका कुल वजन 17.025 किलोग्राम बताया गया है। जब्त पौधों की अनुमानित कीमत करीब 1.50 लाख रुपये आंकी गई है।
खेती में खाद्यान्न या अन्य फसलों के बीच मादक पदार्थों के पौधे पाए जाने का यह मामला अवैध खेती की रोकथाम और ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी के महत्व को भी सामने लाता है। हालांकि, पौधे किस उद्देश्य से उगाए गए थे और इस मामले में अन्य कोई व्यक्ति शामिल था या नहीं, यह जांच के निष्कर्षों से ही स्पष्ट होगा।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
शिवगढ़ पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस अब मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। अवैध खेती की परिस्थितियों, खेत में पौधे उगाने में आरोपियों की कथित भूमिका और अन्य संभावित कड़ियों की पड़ताल जांच का हिस्सा हो सकती है।
इस मामले में आगे की कार्रवाई और अंतिम निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर तय होंगे।
एसपी अमित कुमार के निर्देशन में कार्रवाई
रतलाम पुलिस के अनुसार, जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती, तस्करी और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में कार्रवाई की जा रही है।
इस अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण विवेक कुमार लाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर राकेश पन्द्रो और एसडीओपी रतलाम ग्रामीण किशोर पाटनवाला के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी सैलाना आईपीएस लेखराज मीणा के नेतृत्व में शिवगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक लिलियन मालवीय की टीम ने कार्रवाई की।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक लिलियन मालवीय, उपनिरीक्षक प्रतापसिंह भदोरिया, उपनिरीक्षक अजमेरसिंह भुरिया, प्रधान आरक्षक जितेन्द्रपालसिंह राठौर, प्रधान आरक्षक विक्रमसिंह घोसरे, प्रधान आरक्षक रघुवीर सिंह, आरक्षक अनिल सूर्यवंशी, आरक्षक मनीष खराड़ी, महिला आरक्षक सावित्री मकवाने और महिला आरक्षक रेणु डावर की भूमिका रही।
अब आगे की जांच पर टिकी नजरें
जाम्बुकुड़ी में हुई इस कार्रवाई के बाद सबसे अहम सवाल यह है कि क्या पुलिस की जांच से अवैध खेती से जुड़े अन्य तथ्य भी सामने आएंगे? खेत में गांजे के पौधे किस परिस्थिति में उगाए गए, इसमें किन लोगों की भूमिका थी और क्या इस मामले की कोई अन्य कड़ी भी है—इन सवालों के जवाब विवेचना के दौरान सामने आ सकते हैं।
फिलहाल, शिवगढ़ पुलिस ने 127 हरे पौधे जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब जांच की दिशा और उसके निष्कर्ष तय करेंगे कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य केवल जब्ती और गिरफ्तारी तक सीमित नहीं, बल्कि ऐसे अपराधों की रोकथाम और उनसे जुड़े तथ्यों का निष्पक्ष खुलासा भी होना चाहिए।
