November 5, 2026 11:35 am

19 मार्च से शुरू होगा शक्ति साधना का महापर्व, पालकी पर सवार होकर आएंगी मां भवानी।

जेडी बैरागी वैष्णव, शुभदर्शन TV न्यूज़ चैनल—हिंदू धर्म में शक्ति की उपासना का महापर्व चैत्र नवरात्र इस वर्ष 19 मार्च 2026, गुरुवार से प्रारंभ हो रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पावन पर्व में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। यह पर्व 27 मार्च तक मनाया जाएगा, जबकि रामनवमी 28 मार्च को मनाई जाएगी। नवरात्र के दिनों में वातावरण में सात्विकता का संचार होता है और भक्त पूरे श्रद्धा भाव से मां दुर्गा की साधना करते हैं।
वर्ष में चार बार पड़ती है नवरात्र
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्र वर्ष में चार बार पड़ती है—माघ, चैत्र, आषाढ़ और आश्विन। इनमें चैत्र और आश्विन नवरात्र का विशेष महत्व माना जाता है। इन दिनों देवी शक्ति की आराधना से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार संसार की समस्त ऊर्जा और शक्ति स्त्री स्वरूप में ही विद्यमान है, इसलिए नवरात्र में देवी की उपासना की जाती है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है और प्रत्येक स्वरूप भक्तों को अलग-अलग प्रकार का आशीर्वाद प्रदान करता है।
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार इस वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे से शुरू होकर 20 मार्च सुबह 4:52 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर नवरात्र का आरंभ 19 मार्च को ही माना जाएगा।
नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना (घटस्थापना) का विशेष महत्व होता है। इस बार घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:52 बजे से 7:43 बजे तक रहेगा।
यदि कोई श्रद्धालु इस समय में कलश स्थापना नहीं कर पाता है, तो वह अभिजीत मुहूर्त में भी घटस्थापना कर सकता है, जो दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक रहेगा।
पालकी पर आएंगी मां दुर्गा
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार हर वर्ष नवरात्र में मां दुर्गा अलग-अलग वाहनों पर आती हैं और उसी के आधार पर आने वाले समय की स्थितियों का संकेत मिलता है। इस बार मां दुर्गा पालकी पर सवार होकर पृथ्वी पर आगमन करेंगी, जबकि उनकी विदाई हाथी पर होगी।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देवी का पालकी पर आगमन कुछ उतार-चढ़ाव और प्राकृतिक घटनाओं का संकेत माना जाता है, जबकि हाथी पर विदाई शुभ फल देने वाली मानी जाती है।
नवरात्र में रखें सात्विक आहार
नवरात्र के दिनों में सात्विक जीवन शैली अपनाने की परंपरा है। इन दिनों भक्त हल्का और सात्विक भोजन करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्र में जौ और जल का विशेष महत्व होता है। घटस्थापना के समय कलश में जल भरकर उसमें सिक्का डालना चाहिए, ऊपर नारियल स्थापित करना चाहिए और कलश के पास मिट्टी में जौ बोना चाहिए। इसके साथ ही कलश के समीप अखंड दीपक जलाना शुभ माना जाता है।

चैत्र नवरात्र 2026 में देवी के नौ स्वरूपों की पूजा तिथियां
19 मार्च – प्रतिपदा : मां शैलपुत्री
20 मार्च – द्वितीया : मां ब्रह्मचारिणी
21 मार्च – तृतीया : मां चंद्रघंटा
22 मार्च – चतुर्थी : मां कूष्मांडा
23 मार्च – पंचमी : मां स्कंदमाता
24 मार्च – षष्ठी : मां कात्यायनी
25 मार्च – सप्तमी : मां कालरात्रि
27 मार्च – अष्टमी : मां महागौरी
28 मार्च – नवमी : मां सिद्धिदात्री एवं रामनवमी
नवरात्र का यह पावन पर्व भक्तों के लिए भक्ति, साधना और आत्मशुद्धि का अवसर लेकर आता है। नौ दिनों तक मंदिरों और घरों में मां दुर्गा की आराधना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं, जिससे पूरे वातावरण में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बन जाता है।

*_जितेन्द्रदास_बैरागी_वैष्णव_* *_शुभदर्शन_TV_न्यूज़_चैनल_*
📲 +91 96851-52033
📲 +91 75092-52033

https://www.facebook.com/SUDARSHANTVMADHYAPRADESH?mibextid=9R9pXO

https://www.youtube.com/@shubhdarshantvnewschannel
आप इन दोनों लिंक पर क्लिक कर चैनल को सस्कराईब, लाइक & फॉलो जरूर करें।

*देश भर में प्रदेश, सम्भाग, जिला व तहसील स्तर पर हमारे प्रतिनिधि नियुक्त करना है, समय 10 से 5 में संपर्क करें-9685152033*

https://whatsapp.com/channel/0029Va9NjaZEFeXljAlzfH25

 

Leave a Comment

और पढ़ें

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें

सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्राम पीर हिंगोरिया में निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित सरदार पटेल हॉस्पिटल की टीम ने ग्रामीणों को दिया निःशुल्क परामर्श, दवाइयाँ वितरित कीं; गंभीर मरीजों के उपचार में आयुष्मान योजना की जानकारी दी