रतलाम जिले की जावरा विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि सामने आई है। क्षेत्रीय विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय के प्रयासों से सिविल हॉस्पिटल जावरा को अत्याधुनिक पोर्टेबल हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन प्राप्त हुई है। इसके साथ ही अस्पताल में एमडीएस सर्जन की नियुक्ति भी हो गई है, जिससे अब इलाज की सुविधाएं और बेहतर हो जाएंगी।
टीबी मुक्त जावरा की ओर बड़ा कदम
नई पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के जरिए अब संभावित टीबी मरीजों की जांच उनके घर पर ही की जा सकेगी। करीब ₹27 लाख लागत की इस मशीन से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर स्क्रीनिंग करना आसान होगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संध्या बेलसरे के मार्गदर्शन में, तथा सीबीएमओ डॉ. शंकरलाल खराड़ी और प्रभारी डॉ. दीपक पालड़िया के निर्देशन में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान संचालित किया जा रहा है। गुरुवार से जावरा शहर के वार्डों में माइक्रो प्लान के तहत कैंप लगाकर एक्स-रे सुविधा दी जाएगी। इसकी शुरुआत वार्ड क्रमांक 4 के आंगनवाड़ी केंद्र में हुई, जहां 32 मरीजों के निःशुल्क एक्स-रे किए गए और जांच डॉ. इरफान पठान द्वारा की गई। सिविल हॉस्पिटल में अब होंगे जटिल ऑपरेशन स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करते हुए विधायक डॉ. पांडेय के प्रयासों से एमडीएस सर्जन डॉ. राज कपूर दांगी की नियुक्ति भी सिविल हॉस्पिटल जावरा में हो गई है।
अब अस्पताल में—
चेहरे और जबड़े के फ्रैक्चर के ऑपरेशन
सड़क दुर्घटना में चोटिल मरीजों का इलाज
ओपन रिडक्शन एवं इंटरनल फिक्सेशन सर्जरी
अक्ल दाढ़ (विजडम टूथ) निकालना
ओरल कैंसर की बायोप्सी
जैसी सेवाएं उपलब्ध होंगी।
खास बात यह है कि जहां प्राइवेट अस्पतालों में इन ऑपरेशनों का खर्च ₹60–70 हजार तक आता है, वहीं अब ये इलाज सरकारी अस्पताल में निःशुल्क हो सकेंगे।
स्वास्थ्य विभाग ने जताया आभार
प्रभारी सुपरवाइजर शैलेन्द्र कुमार दवे ने बताया कि बढ़ती मरीज संख्या और टीबी उन्मूलन अभियान को देखते हुए मशीन की आवश्यकता थी, जिसे विधायक के प्रयासों से स्वीकृति मिली।
नई सुविधाओं के मिलने से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में खुशी का माहौल है और उन्होंने विधायक डॉ. पांडेय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
कुल मिलाकर, जावरा में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर तेजी से बेहतर हो रहा है — अब मरीजों को घर के पास ही जांच और इलाज की उन्नत सुविधाएं मिलेंगी, जिससे “टीबी मुक्त जावरा” का लक्ष्य और मजबूत होगा।