रतलाम जिले के जावरा शहर ने मंगलवार को मानव सेवा और सामाजिक सरोकार का ऐसा उदाहरण पेश किया, जिसने यह साबित कर दिया कि जब समाज और संस्थाएं एक मंच पर आती हैं तो बदलाव की बड़ी तस्वीर तैयार होती है। सरदार पटेल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, बन्नाखेड़ा जावरा एवं भारत विकास परिषद, शाखा जावरा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विशाल रक्तदान, निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं टीकाकरण शिविर जनसहभागिता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
शिविर में उमड़ी भीड़ और लोगों का उत्साह इस बात का प्रमाण था कि जावरा अब केवल व्यापार और कृषि का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक सेवा और स्वास्थ्य जागरूकता का भी मजबूत केंद्र बनता जा रहा है।
रक्तदान के लिए उमड़ा जनसैलाब, 40 यूनिट रक्त संग्रहित
शिविर में युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और रक्तमित्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। परिणामस्वरूप लगभग 40 यूनिट रक्तदान एकत्रित किया गया, जो भविष्य में कई जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित होगा।
सैकड़ों मरीजों को मिला निशुल्क उपचार
शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने विभिन्न रोगों से पीड़ित मरीजों का परीक्षण कर उन्हें निःशुल्क परामर्श और दवाइयां उपलब्ध कराईं।
शिविर की प्रमुख उपलब्धियां:
🩸 40 यूनिट रक्तदान संग्रहित
👂 150 मरीजों का नाक-कान-गला परीक्षण, जिनमें से 10 मरीज ऑपरेशन के लिए चयनित।
🧠 70 मरीजों को मनो एवं यौन रोग परामर्श प्रदान किया गया।
🩺 150 मरीजों का जनरल फिजिशियन द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण।
💉 100 से अधिक लोगों का टीकाकरण किया गया।
15 वर्षों की सेवा यात्रा आज बनी क्षेत्र की पहचान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सरदार पटेल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के अध्यक्ष जी.एल. पटेल ने कहा कि करीब 15 वर्ष पहले नर्सिंग कॉलेज से शुरू हुई सेवा यात्रा आज एक विशाल स्वास्थ्य संस्थान का रूप ले चुकी है।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल हॉस्पिटल आज क्षेत्र के लोगों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ आयुष्मान भारत योजना का लाभ भी उपलब्ध करा रहा है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिल रही है।
घर-घर पहुंचा जनजागरण अभियान
हॉस्पिटल के मार्केटिंग हेड प्रेम बनोपा ने बताया कि शिविर से पहले कई दिनों तक शहर के अलग-अलग वार्डों में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाकर लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक किया गया। यही कारण रहा कि कार्यक्रम को व्यापक जनसमर्थन और जनभागीदारी प्राप्त हुई।
सामाजिक संगठनों और रक्तमित्रों ने निभाई बड़ी भूमिका
कार्यक्रम की सफलता में भारत विकास परिषद, बड़ावदा सेवा एवं रक्तदान संस्था, सरदार पटेल नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कॉलेज, हॉस्पिटल स्टाफ तथा रक्तमित्रों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
जावरा ने दिया संदेश—रक्तदान सबसे बड़ा दान
यह शिविर केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह संदेश भी था कि समाज यदि एकजुट होकर आगे आए तो स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक पहुंचाना संभव है।
मानव सेवा, जनजागरूकता और सामाजिक सहभागिता का यह आयोजन आने वाले समय में जावरा के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में याद किया जाएगा।