रतलाम जिले के आलोट में महिला पटवारी के कथित अपहरण के मामले में आलोट पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने महिला पटवारी को धार जिले के टांडा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कड़वा से सकुशल दस्तयाब कर लिया है। मामले में परिजनों की शिकायत पर आलोट थाने में बीएनएस की धारा 140(3) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। एफआईआर में अनिल आलावा को नामजद आरोपी बनाया गया है।
मामला दर्ज होते ही आलोट पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए महिला पटवारी की तलाश के लिए अलग-अलग पुलिस टीमों को संभावित स्थानों पर रवाना किया। पुलिस ने लगातार तकनीकी एवं मैदानी स्तर पर प्रयास करते हुए संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी। कई घंटों की लगातार मेहनत के बाद पुलिस टीम को महिला पटवारी के धार जिले के टांडा थाना क्षेत्र में होने की जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस ने ग्राम कड़वा पहुंचकर उसे सुरक्षित दस्तयाब कर लिया।
महिला पटवारी के सकुशल मिलने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है। हालांकि, मामले में नामजद मुख्य आरोपी अनिल आलावा और उसके अन्य सहयोगी अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
*एसडीओपी के निर्देशन में टीम ने दिखाई तत्परता*
पूरे मामले में एसडीओपी पल्लवी गौर के निर्देशन में पुलिस टीम का गठन किया गया था। वहीं थाना प्रभारी योगेश पाटीदार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए महिला पटवारी को सुरक्षित दस्तयाब करने में सफलता हासिल की।
कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक भारत सिंह सिंघाड़ सहित पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम ने लगातार संभावित स्थानों पर तलाश और दबिश की कार्रवाई करते हुए मामले को गंभीरता से लिया, जिसके परिणामस्वरूप महिला पटवारी को 24 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया गया।
*अब न्यायालयीन बयान और साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच*
महिला पटवारी के दस्तयाब होने के बाद पुलिस अब मामले की आगे की विवेचना में जुट गई है। पुलिस द्वारा महिला के न्यायालयीन बयान दर्ज कराने के साथ ही उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की जांच की जा रही है। महिला के बयान और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।
फिलहाल पुलिस का पूरा फोकस फरार मुख्य आरोपी अनिल आलावा और उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी पर है। पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। महिला पटवारी के सकुशल दस्तयाब होने के बाद अब पुलिस के सामने फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की चुनौती है।
आलोट पुलिस की 24 घंटे के भीतर की गई इस कार्रवाई को पुलिस की तत्परता और सक्रियता के तौर पर देखा जा रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस जांच में इस कथित अपहरण के पीछे की पूरी कहानी क्या सामने आती है और फरार आरोपी कब पुलिस की गिरफ्त में आते हैं।