रतलाम जिले कि नगर परिषद बड़ावदा की राजनीति में उस समय बड़ा सियासी भूचाल आ गया, जब वार्ड क्रमांक 8 के पार्षद एवं PIC समिति के अध्यक्ष शैलेन्द्र व्यास ने अपने पद से तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र दे दिया। व्यास ने अपना इस्तीफा नगर परिषद अधिकारी को सौंपते हुए अपने पत्र में नगर परिषद अध्यक्ष और उनके पति पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
त्यागपत्र में शैलेन्द्र व्यास ने आरोप लगाया है कि नगर परिषद में कर्मचारियों पर नियम विरुद्ध कार्य करने का दबाव बनाया जा रहा है, नागरिकों के मामलों में कथित तौर पर तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाते हुए पक्षपाती निर्णय लिए जा रहे हैं और PIC में जारी विषयों पर हस्ताक्षर एवं बैठक के बाद अन्य विषयों को जोड़ने जैसी गतिविधियां की जा रही हैं।
इतना ही नहीं, उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों के भविष्य से जुड़े वैधानिक एवं नियमानुसार कार्यों की अनदेखी कर उन विषयों को PIC में नहीं लिया जा रहा है। पत्र में यह भी दावा किया गया है कि अध्यक्ष पति द्वारा गलत विषयों पर सहमति के लिए दबाव बनाया जाता है और निकाय के विभिन्न विभागों में कथित रूप से नियम विरुद्ध हस्तक्षेप किया जा रहा है।
‘ऐसे कामों का समर्थन नहीं कर सकता’
शैलेन्द्र व्यास ने अपने त्यागपत्र में स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इन कथित गैर-संवैधानिक और गैर-कानूनी कार्यों के कारण वे इन गतिविधियों का समर्थन नहीं कर सकते। उन्होंने यह भी लिखा कि इन सभी कारणों से उनकी और उनकी विचारधारा वाले संगठन यानी पार्टी की छवि को भी नुकसान पहुंच रहा है।
इसी के चलते उन्होंने PIC समिति अध्यक्ष पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देने की घोषणा की है।
इस्तीफे ने खड़े किए कई सवाल
भाजपा से जुड़े पार्षद और PIC समिति अध्यक्ष के इस कदम ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली और आंतरिक राजनीति पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां बनीं कि सत्तारूढ़ दल से जुड़े पार्षद को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा? क्या नगर परिषद में वाकई नियमों को दरकिनार कर निर्णय लिए जा रहे हैं? क्या कर्मचारियों पर किसी तरह का दबाव बनाया जा रहा है? और सबसे बड़ा सवाल—क्या इस इस्तीफे के बाद बड़ावदा नगर परिषद की राजनीति में और बड़ा विस्फोट होने वाला है?
फिलहाल, ये सभी आरोप त्यागपत्र में लगाए गए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब देखने वाली बात होगी कि नगर परिषद अध्यक्ष, उनके पति और नगर परिषद प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या जवाब देते हैं।
बड़ावदा की सियासत में एक इस्तीफे ने हलचल तेज कर दी है अब निगाहें प्रशासन और भाजपा संगठन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
