अर्जुनसिंह डोडिया ताल- रतलाम जिले के विक्रमगढ़ आलोट से श्रावण मास में सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार हेतु श्रीलंका गए संतों का दल आज सकुशल विक्रमगढ़ आलोट लौट आया। करवाखेड़ी आश्रम के महंत योगी श्री प्रकाश नाथ जी महाराज के सानिध्य में पाँच संतों का यह समूह दिनांक 2 अगस्त को विक्रमगढ़ आलोट रेलवे स्टेशन से श्रीलंका यात्रा पर गया था। यह दल आज शाम जोधपुर-इंदौर ट्रेन से विक्रमगढ़ आलोट पधारने पर भक्तों ने ढोल-ढमाकों, हार-फूल और जयघोष के साथ भव्य स्वागत किया।
इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राष्ट्र संत पंचमुखी हनुमान मंदिर के महंत श्री रामराज दास त्यागी जी जयपुर एवं मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध महंत योगी प्रकाश नाथ जी ने किया।
यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए महंत प्रकाश नाथ जी योगी ने बताया कि श्रावण मास के पावन अवसर पर श्रीलंका के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर भगवान शिव की आराधना के महत्व पर शिव पूजन, सत्संग एवं धर्म सभाओं का आयोजन किया गया। यात्रा का मुख्य उद्देश्य शिवभक्ति, भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपरा का प्रसार कर समाज में धार्मिक चेतना जागृत करना था, जो सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ।
भव्य स्वागत –
विक्रमगढ़ आलोट रेलवे स्टेशन पर महंत जी के आगमन पर भक्तों ने आत्मीय स्वागत-सम्मान किया।
इस अवसर पर एडवोकेट विनोद माली, नागेंद्र सिंह डोडिया, हेमेंद्र सिंह निगम, जन्मेजय पाटीदार, सुमित गुप्ता, राजेंद्र सिंह जादौन, भूपेंद्र सिंह सोलंकी धर्मेंद्र, सिंह सोलंकी, हुकुमचंद देवाल, निर्मल परिहार, मानक सोनी ताल, कारूनाथ राठौर पिपलिया मारू, अनिल मालवीय
निंबाखेड़ी, राजेंद्र सिंह जी डेलवास, अर्जुनसिंह जी लूनी, कचरू सिंह तंवर बरखेड़ा खुर्द सहित बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे।
