रतलाम जिले के कालूखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम बछोड़िया के बस स्टैंड क्षेत्र में बिजली मीटर की रीडिंग करने पहुंचे कर्मचारी के साथ कथित मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का मामला सामने आया है। घटना के बाद बिजली विभाग में भी हड़कंप मच गया। फरियादी की रिपोर्ट पर चौकी मावता, थाना कालूखेड़ा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार ग्राम सूजापुर निवासी धर्मेन्द्र सिंह एमपीईबी में निजी ठेकेदार के माध्यम से मीटर रीडिंग का कार्य करता है। 19 अगस्त को वह एमपीईबी कर्मचारियों के साथ ग्राम बछोड़िया पहुंचा था। बिजली तार ठीक कराने के बाद वह गांव में मीटर रीडिंग करने गया।
इसी दौरान ग्राम बछोड़िया निवासी अर्जुन पिता देवराम कुमावत के मकान का करीब 9 हजार रुपये बिजली बिल बकाया होने की जानकारी देने पर विवाद शुरू हो गया। फरियादी का आरोप है कि आरोपी ने बिजली कनेक्शन काटे जाने की बात को लेकर गाली-गलौज करते हुए उसके साथ झूमाझटकी और मारपीट की। मारपीट में उसकी शर्ट की जेब फट गई तथा जेब में रखे करीब 500 रुपये सहित अन्य सामान गिर गया।
मौके पर मौजूद नरसिंह कुमावत सहित अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर विवाद शांत कराया। फरियादी ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे दोबारा घर की ओर आने पर जान से खत्म करने की धमकी भी दी। इतना ही नहीं, आरोपी द्वारा खुद को पत्रकार बताकर डराने-धमकाने का प्रयास किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है।
घटना के बाद फरियादी ने एमपीईबी अधिकारियों को सूचना दी और चौकी मावता पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 296 एवं 351(3) के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
अब सवाल यह है कि बिजली बिल की वसूली और मीटर रीडिंग जैसे सरकारी कार्य में लगे कर्मचारी के साथ कथित मारपीट और धमकी पर पुलिस कार्रवाई कितनी सख्त होती है? फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
नोट- उक्त समाचार सोशल मीडिया पर वायरल चल रहा है।