November 5, 2026 11:31 am

रक्षाबंधन 28 अगस्त को ही बांधी जाएगी राखी, जानिए शुभ मुहूर्त, भद्रा और पूजा की पूरी विधि

जेडी बैरागी वैष्णव, शुभदर्शन TV न्यूज़ चैनल रतलाम— भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। इस बार पूर्णिमा तिथि दो दिनों में पड़ने के कारण 27 और 28 अगस्त को लेकर लोगों में असमंजस है, लेकिन भारत में रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त को मनाया जाना है।

सुबह के समय ही बांधें राखी
पंचांग गणना व पंडित विनोद दुब्बे पिंगराला के अनुसार राखी बांधने का प्रमुख शुभ मुहूर्त 28 अगस्त को सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे, दोपहर12:30 से 2:00, शाम 5:15 से 6:45 एवं रात्री 9:30 से 11:00 बजे तक। रहेगा।

पूर्णिमा तिथि भी 28 अगस्त की सुबह लगभग 9:48 बजे तक रहेगी।  इसलिए बहनों के लिए बेहतर रहेगा कि वे सुबह के शुभ समय में ही भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधें।
इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा नहीं
रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भद्रा काल में राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। इस वर्ष भद्रा 27 अगस्त को ही समाप्त हो जाएगी और 28 अगस्त के राखी बांधने के समय भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा।  यानी बहनों को 28 अगस्त की सुबह राखी बांधने के लिए भद्रा समाप्त होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

पूर्णिमा कब से कब तक
पंचांग के अनुसार श्रावण पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त सुबह करीब 9:08 बजे शुरू होकर 28 अगस्त सुबह 9:48 बजे तक रहने की जानकारी दी गई है। इसी वजह से रक्षाबंधन का मुख्य पर्व 28 अगस्त को मनाया जाएगा।

राखी बांधने की पारंपरिक विधि
रक्षाबंधन के दिन बहन सबसे पहले पूजा की थाली तैयार कर सकती हैं। इसमें- राखी, रोली या कुमकुम, अक्षत (चावल), दीपक, मिठाई, पुष्प रखे जाते हैं।
इसके बाद भाई को तिलक लगाकर आरती की जाती है और दाहिनी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा जाता है। भाई-बहन भगवान से एक-दूसरे की सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना करते हैं।

भाई किस दिशा में बैठे?
धार्मिक परंपरा में राखी बांधते समय भाई का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखना शुभ माना जाता है। इसके बाद बहन तिलक, अक्षत और आरती के बाद राखी बांध सकती हैं।

राहुकाल का भी रखें ध्यान
28 अगस्त को राहुकाल का समय भी अलग से बताया गया है। कुछ पंचांगों के अनुसार यह लगभग सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक रहेगा। हालांकि इस वर्ष राखी बांधने का प्रमुख मुहूर्त इससे पहले ही सुबह 9:48 बजे तक समाप्त हो रहा है।

चंद्रग्रहण का भी संयोग
इस साल रक्षाबंधन के दिन आंशिक चंद्रग्रहण का भी खगोलीय संयोग बताया जा रहा है। इसलिए धार्मिक अनुष्ठानों के समय को लेकर अलग-अलग पंचांगों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार मत हो सकते हैं।

एक नजर में रक्षाबंधन 2026
दिन: शुक्रवार, 28 अगस्त 2026,  पर्व: श्रावण पूर्णिमा / रक्षाबंधन राखी का प्रमुख शुभ समय: सुबह 5:57 से 9:48 बजे तक,  भद्रा: 28 अगस्त की सुबह राखी के मुहूर्त में नहीं।

रतलाम: स्थानीय सूर्योदय के अनुसार कुछ मिनट का अंतर संभव ध्यान दें मुहूर्त में शहर और पंचांग की गणना के अनुसार कुछ मिनट का अंतर हो सकता है। धार्मिक अनुष्ठान के लिए स्थानीय पंचांग पंडित की गणना को प्राथमिकता देना उचित रहेगा।

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