November 5, 2026 11:43 am

खेत में प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला की दाई ने कराई सुरक्षित डिलीवरी, मां-बेटी स्वस्थ; 534 लोगों का हुआ मौखिक स्वास्थ्य परीक्षण

खेत में प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला की दाई ने कराई सुरक्षित डिलीवरी, मां-बेटी स्वस्थ; 534 लोगों का हुआ मौखिक स्वास्थ्य परीक्षण

 

रतलाम के जावरा में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी दो महत्वपूर्ण गतिविधियां जावरा क्षेत्र में सामने आई हैं। एक ओर सोयाबीन कटाई की मजदूरी के लिए खाकरा कुड़ी सैलाना से लालाखेड़ा आई 24 वर्षीय रीना बाई को खेत में ही अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई, वहीं दूसरी ओर सिविल हॉस्पिटल जावरा की डेंटल टीम ने राष्ट्रीय मौखिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विभिन्न ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में शिविर आयोजित कर 534 लोगों का ओरल हेल्थ परीक्षण किया।

जानकारी के अनुसार रीना बाई, पति शांतिलाल मीणा, सोयाबीन कटाई के लिए लालाखेड़ा आई थी। 6 अक्टूबर की सुबह करीब 10 बजे टापरी से पैदल निकलते समय उसे अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। दर्द असहनीय होने के कारण वह खेत में ही बैठ गई।

स्थिति की जानकारी मिलते ही लालाखेड़ा गांव के कमलेश सेन ने तत्काल सिविल हॉस्पिटल जावरा के प्रभारी डॉ दीपक पालड़िया को फोन कर पूरी जानकारी दी। डॉ दीपक पालड़िया ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ किरण वाडीवा के मार्गदर्शन में तत्काल एंबुलेंस और स्वास्थ्यकर्मी को लालाखेड़ा रवाना किया।

एंबुलेंस चालक शंकर माली के साथ सुशीला शर्मा दाई आवश्यक किट लेकर मौके पर पहुंचीं। खेत में ही सुशीला शर्मा ने रीना बाई का सफलतापूर्वक प्रसव कराया। इस दौरान रीना बाई की मां भूरीबाई और दाई विनीता सेन भी मौके पर मौजूद रहीं।

प्रसव के बाद जच्चा और बच्ची को न्यू मैटरनिटी विंग जावरा लाया गया, जहां लेबर रूम में डॉ दीपक पालड़िया, श्वेता सिंह और शिरोमणि मसीह ने दोनों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार शुरू किया। दोनों स्वस्थ बताए गए हैं। नवजात बच्ची का वजन 3 किलो 200 ग्राम बताया गया है।

बताया गया कि रीना बाई की यह दूसरी डिलीवरी थी तथा गर्भावस्था के दौरान आवश्यक जांच, टीकाकरण और दवाइयों का कोर्स पूरा किया गया था। रीना बाई की मां भूरीबाई ने डॉ दीपक पालड़िया सहित पूरी टीम का आभार व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना की।

534 लोगों का हुआ ओरल हेल्थ परीक्षण

इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ किरण वाडीवा के मार्गदर्शन तथा सिविल हॉस्पिटल जावरा प्रभारी डॉ दीपक पालड़िया और सीबीएमओ डॉ शंकरलाल खराड़ी के निर्देशन में डेंटल ब्रांच द्वारा भारत सरकार के राष्ट्रीय मौखिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जांच एवं जागरूकता शिविर आयोजित किए गए।

प्रभारी सुपरवाइजर शैलेन्द्र कुमार दवे ने बताया कि डॉ फैजान उस्मानी, डॉ राज कपूर डांगी, डॉ मोनिका दिमनीकर, डॉ परणिका अग्रवाल, डॉ नजरेगुल शिरीन और सहायक श्रवण सिंह की टीम ने महिलाओं, पुरुषों तथा 10 से 14 वर्ष तक के बच्चों सहित कुल 534 लोगों का ओरल हेल्थ परीक्षण किया।

शिविर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ढोढर, बरडिया गोयल, बड़ावदा, हायर सेकेंडरी स्कूल बरडिया गोयल, सीएम राइज स्कूल जावरा तथा सिविल हॉस्पिटल जावरा की डेंटल ब्रांच में आयोजित किए गए। जांच के बाद आवश्यक उपचार एवं दवाइयां वितरित की गईं।

शिविरों में लोगों को सही तरीके से ब्रश करने की तकनीक का प्रदर्शन भी किया गया। साथ ही मुख एवं दांतों की साफ-सफाई, सुरक्षा, नियमित दंत परीक्षण, खान-पान, कैविटी से बचाव और मौखिक स्वास्थ्य से संबंधित जरूरी जानकारी दी गई।

12 बच्चों में मिला फ्लोरोसिस

हायर सेकेंडरी स्कूल बरडिया गोयल में जांच के दौरान 12 बच्चों में फ्लोरोसिस की समस्या सामने आई। स्वास्थ्य टीम के अनुसार पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक होने से फ्लोरोसिस की समस्या हो सकती है। बच्चों को मौखिक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के संबंध में आवश्यक जानकारी भी दी गई।

स्वास्थ्य विभाग की इन दोनों गतिविधियों में एक ओर जहां खेत में ही स्वास्थ्य टीम ने समय पर पहुंचकर प्रसूता और नवजात को सुरक्षित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में मौखिक स्वास्थ्य को लेकर जांच और जागरूकता अभियान चलाया गया।

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