रतलाम जिले के पिपल्याजोधा में देवझूलनी ग्यारस की रात पिपल्याजोधा में आयोजित भजन संध्या उस समय हंगामे और हिंसा में बदल गई, जब गांव का ही एक युवक मंच पर चढ़कर गायिका को परेशान करने लगा और अपनी पसंद के भजन गाने की मांग करने लगा। समिति सदस्यों ने युवक को मंच से नीचे उतारा तो उसने विवाद शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों ने भी उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि युवक कुछ ही देर बाद अपने परिजनों और साथियों के साथ लाठी-पत्थर लेकर वापस पहुंच गया।
मामला मंगलवार रात करीब 11 बजे का बताया जा रहा है। भजन संध्या के दौरान सुनील चंद्रवंशी मंच पर चढ़ गया और गायिका को डिस्टर्ब करते हुए दूसरे भजन गाने की मांग करने लगा। समिति के सदस्यों ने उसे मंच से नीचे उतार दिया। इसके बाद सुनील ने विवाद शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद आरक्षक घनश्याम कुमावत और संतोष ने उसे समझाने का प्रयास किया।

आरोप है कि इसके बाद सुनील वहां से अपने घर चला गया और कुछ ही देर में अपने भाई दिलीप, जितेंद्र, पिता रामसुख चंद्रवंशी, मां धापूबाई, कैलाश पिता भगवतीलाल चंद्रवंशी तथा अर्जुन पिता रामप्रसाद चंद्रवंशी के साथ वापस आया।
पुलिस को ही बना लिया निशाना
बताया गया कि मिडिल स्कूल के पास पुलिस बल मौजूद था। आरोप है कि वहां पहुंचते ही सभी ने पुलिसकर्मियों को गालियां देना शुरू कर दिया और लाठी-पत्थरों से हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
हमले में रिंगनोद थाना प्रभारी आनंद सिंह आजाद के सिर में पत्थर लगा। वहीं आरक्षक नरेंद्र हाड़ा के सिर में पत्थर लगने से खून बहने लगा और उन्हें तीन टांके लगाए गए।
इसके अलावा प्रधान आरक्षक सुधीर सिंह, आरक्षक घनश्याम कुमावत, संतोष और अनिल डांगी को भी मारपीट एवं पत्थरबाजी में चोटें आईं।
ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा
पुलिस टीम पर हमले के दौरान स्थिति बिगड़ती देख सरपंच प्रतिनिधि कालूराम कुमावत सहित अन्य ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराने का प्रयास किया।
घटना ने देवझूलनी ग्यारस जैसे धार्मिक आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस आयोजन में श्रद्धालु भजन और झांकियों का आनंद लेने पहुंचे थे, वहां विवाद ने इतना गंभीर रूप ले लिया कि पुलिसकर्मियों को ही लाठी-पत्थरों का सामना करना पड़ा।
6 पुरुष आरोपी गिरफ्तार, महिला फरार
घटना के मामले में पुलिस ने 7 आरोपियों में से 6 पुरुष आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें सुनील सहित उसके परिजन और अन्य आरोपी शामिल बताए गए हैं। वहीं महिला आरोपी धापूबाई अभी फरार बताई जा रही है।
अब पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। पुलिस टीम पर हुए इस हमले के पीछे विवाद किस स्तर तक बढ़ा और आरोपियों ने पुलिसकर्मियों को निशाना क्यों बनाया, इसे लेकर जांच जारी है।